फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

धनतेरस शाॅपिंग 2026: गणेश जी की सूंड बाईं तरफ हो या दाईं? लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति खरीदते समय जरूर जानें ये बात

Fri, 06 Nov 2026 01:14 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Dhanteras 2026: धनतेरस पर दिवाली पूजा के लिए लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति खरीदने से पहले जानें बैठी या खड़ी मूर्ति, सूंड की दिशा, धातु और शुभ स्वरूप से जुड़ी जरूरी बातें।
विज्ञापन
गणेश लक्ष्मी की मूर्ति कैसी होनी चाहिए - फोटो : AI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

Lakshmi Ganesh ki Murti Kaisi Honi Chahiye: दिवाली का त्योहार नजदीक आते ही घरों में साफ-सफाई, सजावट और खरीदारी की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। धनतेरस के दिन सोना-चांदी, बर्तन और दूसरी शुभ वस्तुएं खरीदने के साथ मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की मूर्ति खरीदने की भी विशेष परंपरा है। मान्यता है कि दिवाली की रात विधि-विधान से मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि, खुशहाली और शुभता आती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दिवाली पूजा के लिए लक्ष्मी-गणेश की कैसी मूर्ति खरीदनी चाहिए?

बाजार में आजकल मिट्टी, पीतल, चांदी, संगमरमर और अलग-अलग रंगों की सैकड़ों डिजाइन वाली मूर्तियां उपलब्ध हैं। ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल होता है कि मां लक्ष्मी की बैठी हुई मूर्ति खरीदें या खड़ी हुई? भगवान गणेश की सूंड किस दिशा में होनी चाहिए? क्या लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां एक साथ खरीदना शुभ माना जाता है? मूर्ति का आकार, मुद्रा और बनावट कैसी होनी चाहिए?

अगर आप भी धनतेरस पर दिवाली पूजा के लिए लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति खरीदने जा रहे हैं, तो कुछ पारंपरिक धार्मिक मान्यताओं और जरूरी बातों को जान लेना आपके लिए उपयोगी हो सकता है। आइए जानते हैं मूर्ति खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

विज्ञापन


लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति खरीदते समय रखें इन 7 बातों का ध्यान


1. मां लक्ष्मी की बैठी हुई मूर्ति खरीदना माना जाता है शुभ

 

दिवाली पूजा के लिए मां लक्ष्मी की कमल के फूल पर विराजमान बैठी हुई प्रतिमा खरीदना प्रचलित परंपरा है। कमल को पवित्रता और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। ऐसी मूर्ति चुन सकते हैं जिसमें मां लक्ष्मी के हाथों से धन की वर्षा हो रही हो और एक हाथ आशीर्वाद की मुद्रा में हो।

विज्ञापन


2. भगवान गणेश की सूंड किस तरफ होनी चाहिए?


गणेश जी की मूर्ति खरीदते समय उनकी सूंड की दिशा को लेकर सबसे ज्यादा जिज्ञासा रहती है। घर की सामान्य पूजा के लिए बाईं ओर मुड़ी सूंड वाले गणेश जी यानी वाममुखी गणेश की प्रतिमा को प्रचलित मान्यता के अनुसार पसंद किया जाता है। हालांकि, अलग-अलग पूजा परंपराओं में इस विषय पर अलग मान्यताएं भी मिलती हैं। इसलिए अपने परिवार की परंपरा को प्राथमिकता दें।

3. लक्ष्मी-गणेश की जुड़ी हुई मूर्ति खरीदें या अलग-अलग?

 

कई परिवारों में दिवाली पूजा के लिए मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की अलग-अलग प्रतिमाएं खरीदने की परंपरा है। इससे दोनों की पूजा और स्थापना अलग-अलग तरीके से की जा सकती है। हालांकि, बाजार में मिलने वाली संयुक्त मूर्तियां भी श्रद्धालु अपनी पसंद के अनुसार खरीदते हैं। इसे अनिवार्य धार्मिक नियम न समझें।

4. मूर्ति का चेहरा और बनावट जरूर देखें

मूर्ति खरीदते समय केवल डिजाइन या कीमत देखकर फैसला न करें। भगवान गणेश और मां लक्ष्मी की प्रतिमा का चेहरा सुंदर, शांत और प्रसन्न मुद्रा में होना चाहिए। मूर्ति में किसी तरह की दरार, टूट-फूट या खंडित हिस्सा नहीं होना चाहिए। हाथ, पैर, मुकुट और प्रतिमा के आधार को भी अच्छी तरह जांच लें।

5. मिट्टी, पीतल या चांदी, किसकी मूर्ति खरीदें?

धनतेरस पर बाजार में कई तरह की मूर्तियां मिलती हैं। आप अपनी पसंद और बजट के अनुसार चुनाव कर सकते हैं।

  • मिट्टी की मूर्ति: पारंपरिक दिवाली पूजा के लिए लोकप्रिय विकल्प।

  • पीतल की मूर्ति: मजबूत और लंबे समय तक इस्तेमाल करने योग्य।

  • चांदी की मूर्ति: लोग इसे धनतेरस पर खरीदना पसंद करते हैं।

  • संगमरमर की मूर्ति: सुंदर और स्थायी पूजा स्थल के लिए अच्छा विकल्प।

पर्यावरण का ध्यान रखते हुए मिट्टी और प्राकृतिक रंगों से बनी मूर्तियों को प्राथमिकता देना बेहतर है।

6. मां लक्ष्मी की मूर्ति के साथ उल्लू होना अशुभ है?

मां लक्ष्मी के वाहन के रूप में उल्लू का धार्मिक चित्रण मिलता है। इसलिए उल्लू के साथ बनी प्रतिमा को अपने आप अशुभ मानना उचित नहीं है। दिवाली पूजा के लिए कमल पर विराजमान मां लक्ष्मी का स्वरूप एक लोकप्रिय पारंपरिक विकल्प है। मूर्ति खरीदते समय धार्मिक मान्यता के साथ अपनी श्रद्धा और पसंद को भी महत्व दें।

7. मूर्ति का आकार घर के मंदिर के अनुसार चुनें


बाजार में छोटी से लेकर बड़ी-बड़ी प्रतिमाएं उपलब्ध हैं। मूर्ति खरीदने से पहले अपने घर के मंदिर या पूजा चौकी का आकार जरूर देख लें। प्रतिमा इतनी बड़ी न हो कि पूजा के दौरान दीपक, फूल, धूप और पूजा सामग्री रखने में परेशानी हो। मूर्ति के आसपास पर्याप्त जगह होना भी जरूरी है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें