धनतेरस सुख-समृद्धि को घर लाने का मौका है। इस दिन खरीदारी करना शुभ माना जाता है। खरीदारी के दौरान ऐसी चीजों को घर लाया जाता है, जो शुभ का प्रतीक हैं। जैसे सोने-चांदी के सिक्के, गणेश-लक्ष्मी की मूर्ति, झाडू और धनिया के बीज और मिट्टी के दीपक आदि इस दिन खरीदना शुभ माना जाता है। इन चीजों को घर लाने से मां लक्ष्मी, और धनकुबेर प्रसन्न होते हैं। हालांकि एक छोटी सी भूल से भी कुबेर की कृपा को दूर कर सकती है।
कुछ ऐसी चीजें हैं जो धनतेरस पर भूल से भी घर नहीं लानी चाहिए। इस लेख में जानिए उन पांच चीजों के बारे में जिन्हें इतिहास, शास्त्र और लोक मान्यता के अनुसार धनतेरस पर कभी नहीं खरीदना चाहिए, क्योंकि ये चीजें आपके घर से खुशहाली और माता लक्ष्मी को दूर कर सकती हैं।
इस धनतेरस, उपहार और नए सामानों से पहले यह विचार करें कि क्या यह चीज शुभ है या अशुभ? आपकी ये छोटी-सी सजगता ही सौभाग्य, समृद्धि और माता लक्ष्मी की कृपा को सुरक्षित रख सकती है। तो इस 18 अक्टूबर 2025 को, इन पांच वस्तुओं से दूरी रखें और सुख-शांति का आह्वान करें।
ऐसी चीजें जो धनतेरस पर कभी न खरीदें
नुकीली वस्तुएं
नुकीली वस्तुएं जैसे चाकू, कैंची, पिन-सुई आदि धनतेरस पर कभी नहीं खरीदनी चाहिए। शास्त्रों में कहा गया है कि तीक्ष्ण चीजे काटने वाली ऊर्जा लाती हैं। ये धन और सुख की लय को बाधित कर सकती हैं। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि धनतेरस पर नुकीली चीजें खरीदना अशुभ माना जाता है।
कांच, शीशे की वस्तुएं
कांच और शीशे को नाजुक तत्व माना जाता है। ये टूटने की आशंका में होती हैं और अस्थिरता का संकेत देती हैं। शीशे से बनी वस्तुओं को उन अशुभ चीजों में शामिल किया गया है जो धनतेरस पर नहीं खरीदने चाहिए।
काला या अंधेरे रंग की वस्तुएं
काले रंग को हिंदू मान्यताओं में शोक, निर्वासन और नकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। धनतेरस पर काले कपड़े या काले सामान खरीदना शुभ नहीं माना जाता है।
खाली बर्तन या वस्तुएं
अगर आप बर्तन या मटका आदि लाते हैं, लेकिन उसमें अनाज, मिठाई या धन नहीं भरा हो तो उसे खाली घर लाना अशुभ माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, ऐसी वस्तुएं अभाव की प्रतीक बन सकती हैं और लक्ष्मी को बुला नहीं सकतीं।
लोहे या उस्पाद संबंधित भारी औजार
लोहे को शनिदेव से सम्बंधित माना जाता है। धनतेरस को ऐसे धातु से बने भारी उपकरण लाना अशुभ माना जाता है।