दिल्ली में सर्दी शुरू होते ही हवा में जहर घुलने लगा है। धुंध और धुएं का ऐसा घना मिश्रण बना दिया है कि सांस लेना भी मुश्किल हो रहा है। प्रदूषण के स्तर में अचानक बढ़ोतरी के साथ दिल्ली की हवा सबसे प्रदूषित हवा में शामिल हो गई है। ऐसे में बच्चों, बुजुर्गों और सांस की बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है।
दिल्ली का प्रदूषण सिर्फ पर्यावरण की नहीं, सेहत की भी गंभीर समस्या है। इससे बचने के लिए हमें जीवनशैली में छोटे-छोटे बदलाव करने होंगे। घर में हरियाली बढ़ाना, सही आहार लेना और मास्क का उपयोग करना, प्रदूषित वायु से सुरक्षित कर सकता है। अगर आप दिल्ली में रहते हैं, तो कुछ जरूरी सावधानियां अपनाकर खुद को और अपने परिवार को इस जहरीली हवा के असर से बचा सकते हैं।
दिल्ली की प्रदूषित वायु से कैसे बचें?
सुबह की सैर से बचें
प्रदूषण का स्तर सुबह के समय सबसे अधिक होता है। ऐसे में पार्क या सड़क पर वॉक करने की बजाय घर के अंदर हल्की एक्सरसाइज करें। घर पर ही योग, प्राणायाम और स्ट्रेचिंग करें लेकिन खिड़कियां बंद रखें।
बाहर निकलें तो मास्क पहनें
घर से बाहर निकलते समय हमेशा मास्क लगाएं। साधारण मास्क प्रदूषण से सुरक्षा नहीं देते। N95 या N99 मास्क हवा में मौजूद सूक्ष्म कणों (PM2.5 और PM10) को रोकने में सक्षम होते हैं। इन्हीं मास्क का उपयोग करें।
घर के अंदर हवा को शुद्ध रखें
घर में एयर प्यूरीफायर या एयर प्यूरीफाइंग पौधे जैसे मनी प्लांट, स्नेक प्लांट, एलोवेरा लगाएं। सुबह और शाम थोड़ी देर के लिए वेंटिलेशन दें ताकि ताजी हवा का प्रवाह बना रहे।
शरीर में पानी की कमी न होने दें
प्रदूषित हवा शरीर में टॉक्सिन्स बढ़ाती है। पर्याप्त मात्रा में पानी, नारियल पानी और हर्बल टी पीते रहें ताकि शरीर डिटॉक्स होता रहे।
डाइट में शामिल करें इम्यूनिटी बढ़ाने वाले फूड्स
विटामिन C से भरपूर फल जैसे संतरा, आंवला, नींबू खाएं। गाजर, चुकंदर और हल्दी से बना “डिटॉक्स ड्रिंक” रोज पीएं। गुड़ और तुलसी का सेवन सांस संबंधी परेशानी कम करता है।
घर में करें नेचुरल रेमेडीज का इस्तेमाल
कपूर, लौंग और तेजपत्ता जलाने से हवा में मौजूद हानिकारक तत्व कम होते हैं। ह्यूमिडिफायर या स्टीमर का इस्तेमाल करें ताकि सांस लेने में आसानी रहे।
प्रदूषण रोकने में अपनी जिम्मेदारी निभाएं
आपको प्रदूषण रोकने और अपने वातावरण को शुद्ध रखने की जिम्मेदारी खुद उठानी होगी। इसके लिए निजी वाहन कम चलाएं, पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें। धूल उड़ाने वाले काम, कूड़ा जलाना और खुले में धूम्रपान करने से बचें।