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लॉकडाउन में किशोरों में बढ़ रहे हैं मानसिक तनाव के मामले, जानें इससे बचने के उपाय

Tue, 16 Jun 2020 01:19 PM IST
योगेश जोशी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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लॅाकडाउन किशोरों में मानसिक तनाव का कारण बना है- सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Pixabay
कोरोना वायरस ने पिछले कुछ समय से बहुत कुछ बदल दिया है। पिछले कुछ समय से संपूर्ण देश में लॅाकडाउन चल रहा था, जिसमें अब धीरे- धीरे ढील दी जा रही है। लॅाकडाउन में ढील तो दी जा रही है, पर अभी भी कोरोना वायरस का खतरा बना हुआ है।

भारत में कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं। कोरोना वायरस की वजह से हुए लॅाकडाउन का सभी पर प्रभाव पड़ा है। हाल ही में हुए एक शोध के अनुसार लॅाकडाउन से सबसे अधिक युवा वर्ग प्रभावित हुआ है। इस शोध में ये दावा किया गया है कि लॅाकडाउन किशोरों में मानसिक तनाव का कारण बना है। 
 
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लॅाकडाउन की वजह से किशोरों में मानसिक तनाव जैसी समस्याएं अधिक देखने को मिली हैं- सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Pixabay
यूनिवर्सिटी ऑफ कैंब्रिज में हुआ शोध
  • यूनिवर्सिटी ऑफ कैंब्रिज में हुए शोध में ये बात सामने आई है कि लॅाकडाउन की वजह से किशोरों में मानसिक तनाव जैसी समस्याएं अधिक देखने को मिली हैं। कई अन्य शोधों में भी इस बात को लेकर चेताया जा चुका है कि ज्यादा समय तक लॅाकडाउन करने से मानसिक समस्याएं अधिक बढ़ सकती हैं।
 
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मानसिक समस्या बढ़ने का सबसे बड़ा कारण है सामजिक संपर्क न हो पाना- सांकेतिक तस्वीर - फोटो : pixabay
  • क्यों बढ़ रही हैं मानसिक समस्याएं
किशोरों में मानसिक समस्याएं बढ़ने के कई कारण हैं। आइए जानते हैं लॅाकडाउन में किन कारणों से किशोरों में मानसिक समस्याएं बढ़ रही हैं...
  • सामाजिक संपर्क न होना
इस शोध में बताया गया है कि किशोरों में मानसिक समस्या बढ़ने का सबसे बड़ा कारण है सामजिक संपर्क न हो पाना। लॅाकडाउन की वजह से सब अपने घरों में कैद थे, जिस वजह से किसी से भी मिलना संभव नहीं था। शोधकर्ता बताते हैं कि इस उम्र में सामाजिक संपर्क बहुत जरूरी होता है। 

डॅाक्टरों के अनुसार भी इस उम्र में लोगों से मिलना, अपनी भावनाएं व्यक्त करना बहुत जरूरी होता है। ऐसा करने से मानसिक तनाव दूर होता है।


 

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स्कूल, कॅालेज बंद होने से भी मानसिक तनाव बढ़ा है- सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media
  • स्कूल, कॅालेज के बंद होने से बढ़ रहा है मानसिक तनाव
शोधकर्ताओं ने स्कूल, कॅालेज बंद होने को भी मानसिक तनाव का कारण बताया है। उनका कहना है कि ये उम्र ऐसी होती है जिसमें व्यक्ति बहुत कुछ नया करना चाहता है। स्कूल, कॅालेज में व्यक्ति व्यस्त रहता है, जिस वजह से दिमाग में गलत विचार नहीं आते हैं।

लॅाकडाउन की वजह से स्कूल, कॅालेज बंद हैं, जिस वजह से युवा वर्ग काफी परेशान रहने लगे हैं। एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार ये उम्र ऐसी होती है, जिसमें तरह- तरह के सवाल दिमाग में चलते हैं और इस समय घर में कैद होने से दिमाग में गलत विचारों के आने की संभावना भी काफी है। इन गलत विचारों के कारण मानसिक तनाव जैसी समस्याएं हो सकती हैं। 


 
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अकेले रहने की वजह से मानसिक समस्याएं होने लगती हैं- सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media
  • दोस्तों से दूर
किशोरावस्था में व्यक्ति दोस्तों के साथ अधिक से अधिक समय व्यतीत करता है। इस उम्र में व्यक्ति दोस्तों के साथ घूमने जाता है, जिससे मानसिक तनाव दूर होता है। इस समय लॅाकडाउन की वजह से न तो दोस्तों से मिलने जा सकते है और न ही घूमने जा सकते हैं। अकेले रहने की वजह से मानसिक समस्याएं होने लगती हैं। 

आइए अब आपको बताते हैं इन समस्याओं से कैसे बचा जा सकता है....

 
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दोस्तों से वीडियो चैट करें- सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Pixabay
  • दोस्तों से संपर्क में रहें
लॅाकडाउन में ढील दी जाने लगी है, परंतु इस समय दोस्तों से मिलना ठीक नहीं है क्योंकि कोरोना वायरस के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। आप अपने दोस्तों से सोशल मीडिया, वीडियो चैट के माध्यम से बात कर सकते हैं।

दोस्तों से फोन के माध्यम से संपर्क करें। ऐसा करने से मानसिक तनाव नहीं होगा। किशोरावस्था में व्यक्ति अपनी बातें दोस्तों से ही साझा करना पसंद करता है। एक अध्ययन के अनुसार अपनी बातें दोस्तों के साथ साझा करने से मन हल्का होता है।

 
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घर के कामों में अपने माता-पिता की मदद करें- सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Pixabay
  • घर के कामों में मदद करें
भारत सरकार की जारी गाइडलाइन के अनुसार 15 अगस्त तक शिक्षण संस्थान बंद रखने का फैसला किया गया है। इसका मतलब है आपको अभी कुछ समय और अभी घर में ही रहना होगा। इस समय मानसिक तनाव से बचने के लिए सबसे बेहतर है कि खुद को व्यस्त रखा जाए।

आप घर के कामों में अपने माता-पिता की मदद कर सकते हैं। ऐसा करने से आपको कई तरह से फायदा मिलेगा। घर के कामों में माता पिता की मदद करने से आपके माता-पिता आपसे खुश होंगे। इसके अलावा आप घर के काम करना भी सीख जाएंगे। 

 
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किताबें व्यक्ति की सबसे अच्छी दोस्त होती हैं- सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Pixabay
किताबें पढ़ें
  • कहा भी गया है कि किताबें व्यक्ति की सबसे अच्छी दोस्त होती हैं। इस समय अपनी पसंद के अनुसार किताबें पढ़ें। आपको ऑनलाइन भी कई किताबें उपलब्ध हो जाएंगी।
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