सिगरेट के डिब्बों पर इससे होने वाले नुकसान को दिखाने के लिए भयावह फोटो का इस्तेमाल किया जाता है, तो यह सिगरेट पीने वालों को धूम्रपान छोड़ने के लिए प्रेरित कर सकता है। सिगरेट पैकेटों पर नुकसान दिखाने वाले फोटो का आकार बड़ा करने को लेकर हो रही बहस के बीच हुए इस अध्ययन ने भयावह फोटो के इस्तेमाल की अहमियत को बढ़ा दिया है।
अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ नॉर्थ कैरोलाइन के अध्ययनकर्ताओं ने यह अध्ययन किया। इसमें उन्होंने पाया कि अगर सिगरेट के पैकेटों पर धूम्रपान के नुकसान को दर्शाते भयावह फोटो लगाए जाएं, तो इससे सिगरेट पीने वालों के व्यवहार में बदलाव आता है। शोधकर्ताओं के मुताबिक सबसे प्रभावी फोटो धुएं से भरे फेफड़े और धूम्रपान की वजह से गर्दन को हुए नुकसान वाले होते हैं। चार हफ्ते तक चले अध्ययन में सामने आया कि जिन लोगों ने सिगरेट के पैकेटों पर ये फोटो देखे, उनमें से 40 फीसदी लोग धूम्रपान छोड़ने के लिए प्रेरित हुए।
इसके मुकाबले चेतावनी वाले पैकेटों का इस्तेमाल करने वाले सिर्फ 34 फीसदी लोगों ने ऐसा महसूस किया। प्रयोग के अंत-अंत तक भयावह फोटो देखने वाले लोगाें में से छह फीसदी लोगों ने पूरी तरह धूम्रपान छोड़ दिया। वही, प्रिंट चेतावनी वाले मामले में यह सिर्फ चार फीसदी था। शोधकर्ता कहते हैं कि भयावह तस्वीरें काम करती हैं, क्योंकि धूम्रपान करने वाला इन फोटो को अपने दिमाग से नहीं निकाल पाता है।