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Chandra Grahan 2026: चंद्र ग्रहण में खाना क्यों मना है? जानिए 7 बड़े प्रतिबंध और उनके कारण

Tue, 03 Mar 2026 04:29 PM IST
Shivani Awasthi लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला

सार

Lunar Eclipse Restrictions: चंद्र ग्रहण में क्या करें या न करें, यह काफी हद तक व्यक्तिगत आस्था पर निर्भर करता है। अगर आप परंपरा मानते हैं, तो नियमों का पालन करें। अगर वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाते हैं, तो सामान्य दिन की तरह जीवन जी सकते हैं।
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ग्रहण में खाना क्यों नहीं खाना चाहिए - फोटो : Freepik.com
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विस्तार
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Chandra Grahan Me Kya Na Kare? आज यानी 3 मार्च 2026 को साल का पहला चंद्र ग्रहण है। ग्रहण की शुरुआत दोपहर 3 बजकर 20 मिनट से हो चुकी है। यह ग्रहण शाम 6 बजकर 47 मिनट तक चलेगा। चंद्र ग्रहण आते ही कई घरों में नियम-कायदे शुरू हो जाते हैं। कुछ मत खाओ, सोना मत, चाकू मत चलाओ, मंदिर के कपाट बंद कर दो इत्यादि। 

आख़िर चंद्र ग्रहण में इतने प्रतिबंध क्यों लगाए जाते हैं? क्या इनके पीछे कोई वैज्ञानिक कारण है या ये पूरी तरह धार्मिक मान्यताएं हैं? आइए विस्तार से समझते हैं कि चंद्र ग्रहण में क्या क्या नहीं करना चाहिए और क्यों इस दौरान पर कुछ कामों पर प्रतिबंध रहता है। 

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चंद्र ग्रहण होता क्या है?

चंद्र ग्रहण तब होता है जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा एक सीध में आ जाते हैं और पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है। यह एक खगोलीय घटना है, न कि कोई अलौकिक घटना। वैज्ञानिक रूप से यह पूरी तरह प्राकृतिक प्रक्रिया है, जिसका पृथ्वी पर सीधे जैविक प्रभाव का कोई प्रमाण नहीं है।

 
चंद्र ग्रहण में क्या-क्या नहीं करना चाहिए?


ग्रहण के दौरान भोजन नहीं करना चाहिए

धार्मिक कारण: मान्यता है कि ग्रहण के समय वातावरण अशुद्ध हो जाता है। इसलिए भोजन करना वर्जित माना गया है।

वैज्ञानिक दृष्टिकोण: पुराने समय में बिजली और सुरक्षित भंडारण की सुविधा नहीं थी। ग्रहण कई घंटों का होता था। संभव है कि खाना लंबे समय तक खुला पड़ा रहता था, जिससे बैक्टीरिया बढ़ सकते थे। इसलिए लोगों को खाने से बचने की सलाह दी गई। आज के समय में ढका हुआ, सुरक्षित भोजन खाने से कोई वैज्ञानिक नुकसान सिद्ध नहीं है।

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ग्रहण में सोना मना है

मान्यता: ग्रहण को नकारात्मक ऊर्जा का समय माना गया है, इसलिए सोने की मनाही है। प्राचीन समाज में ग्रहण एक दुर्लभ और डरावनी घटना थी। लोगों को जागरूक रखने और सामूहिक रूप से प्रार्थना करवाने के लिए “न सोने” की परंपरा बनी हो सकती है। वैज्ञानिक रूप से सोने से कोई नुकसान सिद्ध नहीं है।


चाकू या नुकीले औजार का उपयोग नहीं करना चाहिए

मान्यता: कहा जाता है कि ग्रहण के समय काटने-छांटने का काम करने से अशुभ प्रभाव पड़ता है।

व्यावहारिक कारण: पहले के समय में रात में रोशनी कम होती थी। ग्रहण अक्सर रात में लगता है, ऐसे में चाकू या औजार का उपयोग करना दुर्घटना का जोखिम बढ़ा सकता था। इसलिए एहतियातन मनाही रही होगी।


गर्भवती महिलाओं के लिए सावधानी

मान्यता: गर्भवती महिलाओं को बाहर न निकलने, सिलाई-कढ़ाई न करने की सलाह दी जाती है।

विज्ञान क्या कहता है? अब तक ऐसा कोई प्रमाण नहीं कि चंद्र ग्रहण भ्रूण पर असर डालता है। हाँ, सावधानी और आराम हमेशा अच्छी बात है पर ग्रहण से सीधा नुकसान सिद्ध नहीं है।


मंदिरों के कपाट बंद और पूजा पर रोक

धार्मिक दृष्टिकोण: ग्रहण को अशुभ काल माना जाता है। इसलिए मंदिरों में भगवान के कपाट बंद कर दिए जाते हैं और ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान और शुद्धिकरण के बाद पूजा होती है।

सांस्कृतिक पक्ष: यह शुद्धता और पवित्रता की पारंपरिक अवधारणा से जुड़ा है, न कि खगोलीय खतरे से।



क्या ग्रहण में कुछ भी नहीं करना चाहिए?

 

विषय धार्मिक महत्व वैज्ञानिक कारण
खाना वर्जित सुरक्षित भोजन हानिकारक नहीं
सोना  मना है कोई वैज्ञानिक नुकसान नहीं
औजार का उपयोग अशुभ रोशनी कम होने से दुर्घटना का जोखिम
पूजा  रोका जाती है। सांस्कृतिक परंपरा

 

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