हारुन रॉबर्ट उर्फ रॉब को कौन नहीं जानता। वह एक पेशेवर कलाकार और मशहूर टीवी पर्सनैलिटी हैं। वह पोगो टीवी पर प्रसारित शो M.A.D के होस्ट और क्रिएटिव डायरेक्टर थे। वर्तमान में वह अपने चैनल 'मैड स्टफ विद रॉब' (Mad Stuff With Rob) के साथ यूट्यूब पर सक्रिय हैं। यहां पर वो तरह-तरह की मजेदार चीजें बनाना सिखाते हैं, जो बच्चों को काफी पसंद आती हैं। चूंकि वह टीवी की दुनिया से कई सालों तक दूर थे, लेकिन अब एक बार फिर से उन्होंने टीवी की दुनिया में वापसी की है। डिज्नी चैनल पर उनका एक नया शो प्रसारित हुआ है, जिसका नाम 'इमेजिन दैट' है। अमर उजाला ने एक खास शो के माध्यम से उनसे बहुत सारी बातें की है और उनसे उनके काम और उनकी जिंदगी से जुड़ी कुछ खास बातें जानने की कोशिश की है। आइए जानते हैं इस बारे में...
सवाल- कोरोना के बीच कैसी बीत रही है आपकी जिंदगी?
जवाब- थोड़ी सी परेशानी है, क्योंकि बहुत सारा काम अब खुद से करना पड़ रहा है। लेकिन चूंकि अब घर से बाहर नहीं जाना पड़ रहा है तो मैं कुछ ज्यादा ही व्यस्त हो गया हूं। मेरे कुछ प्रोजेक्ट्स यानी काम जो पेंडिंग में पड़े हुए थे और सोचा था कि समय मिलने पर वो करूंगा तो अब तो वक्त ही वक्त है, ऐसे में सारे काम बहुत क्रिएटिव तरीके से हो रहे हैं। इसके अलावा परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिल रहा है, उन दोस्तों से भी बात करने का मौका मिल रहा है, जिनसे बिजी शेड्यूल की वजह से बात नहीं हो पाती थी।
सवाल- यूट्यूब चैनल पर 'मैड स्टफ विद रॉब' शो लाने की कोई खास वजह?
जवाब- मुझे लग रहा था कि डिजिटल एक बहुत ही अनोखा प्लेटफॉर्म है, क्योंकि यहां सिर्फ आप अपना काम ही लोगों के साथ शेयर नहीं कर सकते हैं बल्कि आपको उनसे कनेक्ट होने का भी मौका मिलता है। इसलिए मैंने सोचा कि क्यों न मैं भी डिजिटल में आऊं और लोगों के साथ अपने काम को शेयर करूं।
सवाल- खाली डिब्बे, बेकार पड़ी चीजों से आप नायाब चीजें बना लेते हैं, कैसे?
जवाब- बस मजा आता है मुझे अलग-अलग मैटेरियल्स के साथ काम करने में, अलग-अलग चीजों को उठाकर उन्हें जोड़ने में। इसका आइडिया मुझे अपने घर से ही आया, जैसे कि मैं देखता था कि बेकार पड़ी चीजों को कैसे दादी-नानी फिर से काम में ले आती थीं। मेरा नया शो जो है, वो रिसाइकिलिंग के ऊपर ही है। मुझे मजा आता है क्रिएटिव चीजों बनाने में।
सवाल- आप क्या बनना चाहते थे?
जवाब- चूंकि मेरे माता-पिता चाहते थे कि मैं डॉक्टर बनूं और मैं मेडिकल की तैयारी भी कर रहा था, लेकिन एक दिन मेरे एक दोस्त ने आकर कहा कि मैं तो आर्ट कॉलेज में एडमिशन लेने वाला हूं। इसके बाद मेरे अंदर भी उस कॉलेज में जाने की इच्छा जागी। इसके लिए मैंने अपने माता-पिता से बात की। पहले तो उन्होंने विरोध किया, लेकिन बाद में उन्होंने मेरा काफी सपोर्ट किया।