रेत पर जान डालते हैं सुदर्शन पटनायक
उड़ीसा में 15 अप्रैल 1977 को जन्मे सुदर्शन पटनायक अपनी कलाकारी और हुनर के दम पर रेत पर जान डालने का काम करते हैं। परिवार के तीन भाइयों में सबसे बड़े बेटे सुदर्शन बचपन से ही रेत कला में रुचि रखते थे। सात साल की उम्र में उन्होंने पुरी के समुद्र तट पर रेत से कलाकृतियां बनाना शुरू कर दिया।
अंतरराष्ट्रीय रेत कला प्रतियोगिता में पहला स्थान
दुनिया भर के सबसे दिग्गज सैंड आर्टिस्ट की सूची में सुदर्शन पटनायक का नाम शीर्ष पर है। उन्हें यूनाइटेड किंगडम के 'द फ्रेड डारिंगटन' सैंड मास्टर पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार उन्हें सैंडवर्ल्ड 2025 अंतरराष्ट्रीय रेत कला महोत्सव में दिया गया, जो दक्षिणी इंग्लैंड के डोरसेट काउंटी के वेमाउथ में आयोजित हुआ था। सुदर्शन पटनायक इस पुरस्कार को प्राप्त करने वाले पहले भारतीय रेत कलाकार हैं। इस प्रतियोगिता में उन्होंने भगवान गणेश की 10 फीट ऊंची रेत की मूर्ति बनाकर विश्व शांति का संदेश दिया।
रेत कला में विश्व रिकॉर्ड
साल 2017 में सुदर्शन पटनायक ने दुनिया का सबसे बड़ा रेत का महल बनाने का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था। उन्होंने पुरी बीच पर 48 फीट 8 इंच ऊंचे रेत का महल बनाकर रिकार्ड अपना नाम किया। इसके अलावा सुदर्शन पटनायक ने सांता क्लॉज की एक विशाल रेत मूर्ति बनाकर लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया। लिम्का बुक में एक और रिकॉर्ड उनके नाम पर दर्ज हुआ जब उन्होंने पुरी बीच पर रेत के 100 रथ बनाए।
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65 से अधिक अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप में लिया भाग
सुदर्शन पटनायक ने दुनिया भर में 65 से अधिक अंतरराष्ट्रीय रेत मूर्तिकला चैंपियनशिप और महोत्सवों में भाग लिया है। उन्हें उनकी प्रतिष्ठित रचनाओं के लिए कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। पद्मश्री से सम्मानित सुदर्शन पटनायक को कई राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार और सम्मान मिल चुके हैं।
साल 2014 में सुदर्शन पटनायक को पद्मश्री से नवाजा गया। उन्होने राष्ट्रपति सम्मान भी मिल चुका है। 2014 में अटलांटिक सिटी, अमेरिका में सैंड स्कल्पटिंग वर्ल्ड कप में भी पीपुल्स च्वाइस अवार्ड जीता था। 2019 में उन्हें इटली के लेसे में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय स्कोरानो सैंड नेटिविटी कार्यक्रम में इटालियन सैंड आर्ट अवार्ड से सम्मानित किया गया था, जो इस पुरस्कार को जीतने वाले पहले भारतीय बने थे।
रेत मूर्तिकला को बढ़ावा
रेत कलाकृतियों को बढ़ावा देने के लिए पटनायक पुरी में कई कलाकारों को ट्रेनिंग देते हैं। उनका सुदर्शन सैंड आर्ट इंस्टीट्यूट है जो कि रेत पर कला सीखने में रुचि रखने वालों के लिए है, साथ ही कलाकारों के लिए कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय वर्कशॉप आयोजित करते हैं ताकि अपना अनुभव और ज्ञान उनसे बांट सकें।