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Amar Ujala Samwad 2025: "हमने धूल से इतिहास रच दिया", अमर उजाला संवाद के मंच से बोलीं शिखा शर्मा

Thu, 17 Apr 2025 02:12 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला

सार

शिखा शर्मा अंतरराष्ट्रीय रंगोली, पेंटिंग और क्ले कलाकार हैं और 100 से भी अधिक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार जीत चुकी हैं। उन्हें इंदौर की स्वच्छता अभियान की ब्रांड एंबेसडर बनाया गया ।
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अमर उजाला संवाद में शिखा शर्मा - फोटो : Amar ujala
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विस्तार
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Rangoli Artist Shikha Sharma : लखनऊ में हुए अमर उजाला संवाद 2025 में राजनीति, मनोरंजन, कला और खेल से जुड़े देश की जानी-मानी हस्तियां शामिल हुई हैं । इसमें कला क्षेत्र से जुड़े दो अंतरराष्ट्रीय दिग्गज आज संवाद मंच पर मौजूद हैं। इसमें से एक हैं शिखा शर्मा। शिखा शर्मा अंतरराष्ट्रीय रंगोली, पेंटिंग और क्ले कलाकार हैं और 100 से भी अधिक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार जीत चुकी हैं। उन्हें इंदौर की स्वच्छता अभियान की ब्रांड एंबेसडर बनाया गया और दुनियाभर के सेलिब्रिटीज ने उनके साथ आर्ट के क्षेत्र में काम किया। आइए जानते हैं कि शिखा शर्मा ने भारत की पारंपरिक रंगोली को अंतरराष्ट्रीय पहचान कैसे दिलाई।

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सीएम योगी रंगोली देखकर हो गए हैरान

गोमती नगर के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में शिखा शर्मा ने रंगोली बनाई, जिसे बनाने में उन्हें चार घंटे का समय लगा। जब सीएम योगी आदित्यनाथ संवाद मंच पर पहुंचे तो उन्होंने रंगोली देखकर हैरानी से पूछा कि क्या ये हाथ से बनाई गई है। शिखा शर्मा ने यह बताते हुए काफी खुशी जाहिर की कि उनकी रंगोली देख सीएम भी प्रभावित हुए।

डॉक्टर बनने का था सपना

शिखा शर्मा का बचपन से ही डॉक्टर बनने का सपना था, क्योंकि ये उनका पापा का भी सपना था। लेकिन शिखा की कला में रूचि ने उन्हें एक कलाकार बनने के लिए प्रेरित किया। शिखा शर्मा बताती है कि घर पर रंगोली बनाना आसान है लेकिन जब आप इस कला को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए काम कर रहे हो या कला को करियर बना रहे हैं तो आपको काफी कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है। 
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होली से पोट्रेट रंगोली की शुरुआत

मैंने रंगोली बनाने की शुरुआत होली से की, क्योंकि मैं होली में बाहर रंग खेलने नहीं जा सकती थी तो मैंने घर में ही होली की पोट्रेट रंगोली बनाई। उसके बाद कोविड लग गया और मेरे पास रंग नहीं थे, सिर्फ घर पर रंगोली थी। मैंने रंगोली के उन्हीं रंगों से छोटी छोटी आकृतियां बनाई, जैसे चिड़िया, जूते या खुद की आकृति। ये थ्री डी रंगोली थी। उन्होंने कई रंगोली बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया।


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वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाना था लक्ष्य

शिखा बताती हैं कि सिर्फ रंगोली बनाना मेरा लक्ष्य नहीं था। मुझे वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाना था, इसके लिए मैंने 3000 स्क्वायर फीट की रंगोली बनाई। मैंने प्रभु श्री राम की कई बड़ी-बड़ी रंगोली बनाई है जिसे वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में जगह मिली है। रिकॉर्ड्स तो सबको याद रहते हैं पर असल में उसके पीछे कई सारी चुनौतियां होती हैं। जब हम ऐसी कोई रंगोली बनाते हैं तो जूते-चप्पल नहीं पहनते हैं। ठंड में गीले कारपेट पर रंगोली बनाते हैं। ठंड भी लगती है। शिखा ने सात बार वर्ल्ड रिकाॅर्ड बनाए हैं। उन्होंने इंदौर से केदारनाथ तक रंगोली बनाई, जिसमें केदारनाथ ट्रैक पर 21 किलोमीटर तक रंगोली बनाई। 


रंगोली में कैसे बनाएं करियर?

शिखा बताती है कि माता पिता बच्चों को कला क्षेत्र में जाने देना नहीं चाहते। पेंटिंग-आर्ट तो बिक जाती हैं, पर आप रंगोली कैसे बचेंगे, न ही आप रंगोली किसी को तोहफे में दे सकते हैं। लेकिन हमने रंगोली में कुछ बदलाव किए। इसके लिए मैने सोशल मीडिया पर इसके वीडियो डालने शुरू किए। विराट कोहली ने भी मेरी रंगोली की वीडियो शेयर की, जो काफी प्रोत्साहित करने वाला था। अंबानी के वन तारा के लिए शिखा और उनकी टीम ने रंगोली बनाई। सोशल मीडिया के जरिए रंगोली और रंगोली कलाकार को प्रमोट किया जा सकता है।  

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