भारत-बांग्लादेश सीमा पर तस्करों ने बीएसएफ के जवानों पर धारदार हथियारों से हमला कर घायल कर दिया और जवानों के हथियार छीन कर बांग्लादेश चले गए। घायल जवान को पहले निकट के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उसे उच्च चिकित्सा के लिए कोलकाता रेफर कर दिया गया है। बीएसएफ के आला अधिकारियों ने बीजीबी के साथ फ्लैग मीटिंग आयोजित की।
बीएसएफ के एक अधिकारी के मुताबिक मंगलवार को करीब साढ़े दस बजे नदिया जिले के सीमावर्ती इलाके कृष्णा नगर सेक्टर के अंतर्गत सीमा चौकी सीकरा के इलाके में ड्यूटी पर तैनात जवान ने चार तस्करों को भारतीय सीमा में प्रवेश करने पर रोका। जवान ने उनको चुनौती दी और उनका डटकर सामना किया, लेकिन तस्करों ने जवान पर बुरी तरह से धारदार हथियारों से हमला कर दिया। हमले में जवान के हाथ और सिर में गंभीर चोटें आई। जवान जब तक कुछ समझ पाता, तस्करों ने घायल जवान के साथ छीना-झपटी की और उसका हथियार छीनकर बांग्लादेश की तरफ भाग गए। साथी जवान को सूचना मिलने पर वह घायल जवान की सहायता के लिए मौके पर पहुंचे। तब तक तस्कर भाग चुके थे। चपरा थाने में मामला दर्ज कराया गया है।
घायल जवान को सीमा चौकी में प्राथमिक उपचार दिया गया और इसके बाद सरकारी अस्पताल, चपरा ले कर गए। जहां चिकित्सकों ने जवान की नाजुक हालात को देखते हुए कोलकाता रेफर कर दिया। घटना के बाद हथियार की बरामदगी और अपराधियों को पकड़ने के लिया बीएसएफ ने अपने समक्ष बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश के साथ फ्लैग मीटिंग की, जिसमें बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश के कमांडर ने अपराधियों को पकड़ने का आश्वासन दिया है।
क्षेत्रीय मुख्यालय कृष्णानगर के उप महानिरीक्षक, श्री संजय कुमार ने बताया की जब तस्करों और आपराधियों को सीमा पार गैर कानूनी कामों में सफलता नहीं मिलती तो वे जवानों पर जानलेवा हमला करते हैं। उन्होंने बताया की हमारे जवानों पर आए दिन तस्करों और उनके साथियों द्वारा योजनाबद्ध तरीके से हमले किए जाते हैं लेकिन फिर भी हमारे जवान उनके मंसूबों को कामयाब नहीं होने देते।