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वायरल शायरी: तेरी चाहतों की जो ज़ंजीर थी वो तोड़ दी हमने...

Thu, 10 Aug 2017 08:55 AM IST
काव्य डेस्क-अमर उजाला, नई दिल्ली
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शिकार हो गया मैं उन तमाम बहरूपिया बातों का 
लोग सजा उस बात की देते रहे जो मैंने कही ही नही

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किसी से मोहब्बत की जगह शराब से मोहब्बत कर लो
शराब, नशा भी कराती है और धोखा भी नहीं देती।

3
तेरी चाहतों की जो ज़ंजीर थी वो तोड़ दी हमने
अब से जल्दी सोया करेंगे मोहब्बत छोड़ दी हमने 

4
बहुत हो गयी शायरी, कहानी और शराब की बातें
तुम्हारे सिवा अब सब लगती हैं फ़िज़ूल की बातें

5
सूरज भी गुनगुने पानी से ग़रारा कर रहा है
सुना है इश्क़ वो भी दोबारा कर रहा है।

6
यूं तो उसके चेहरे पर नक़ाब था मगर 
क़त्ल करने को निगाहें खुली छोड़ दीं

7
हथेली पर रखकर 'नसीब' के दो टुकड़े कर दिए
एक जरूरतों को दे दिए और एक मजबूरियों को

8
चाहे काजल लगा लो या सूरमा लगा लो
फरेब दिल में हो तो आंखों में उतर ही आएगा

9
फैसला तो यही करना है कि एक ही तो जिंदगी मिली है 
या तो तुम्हारे साथ गुज़ार दूं या फिर मजबूरियों के साथ

10
कुछ गम, कुछ ठोकरें, कुछ चीखें उधार देती है
जिंदगी, मौत आने के पहले ही मार देती है


(ये शायरी इंटरनेट की दुनिया में लोकप्रिय है। इनके रचनाकार का नाम पता नहीं चल सका। अगर आपको लेखक का नाम मालूम हो तो ज़रूर बताएं। शायरी के साथ शायर का नाम लिखने में हमें ख़ुशी होगी।)
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