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Work Life Balance: तनाव भरी जिंदगी में वर्क लाइफ बैलेंस कैसे बनाएं? जानें जीवन में संतुलन रखने के असरदार तरीके

Thu, 28 Aug 2025 01:49 PM IST
शिवम गर्ग बर्नार्ड मार्र, फोर्ब्स के स्तंभकार

सार

आज की तेज रफ्तार जिंदगी में काम और निजी जीवन के बीच संतुलन बनाना किसी चुनौती से कम नहीं है। ऑफिस की डेडलाइंस, करियर का दबाव, सोशल मीडिया की लत और भविष्य की चिंताएं हमें थका देती हैं। ऐसे हालात में खुद के लिए समय निकालना और मानसिक शांति बनाए रखना बेहद जरूरी हो जाता है। 
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Work Life Balance - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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Work-Life Balance: क्या आपको कभी एहसास हुआ है कि आप दिन भर कुछ न कुछ कर रहे होते हैं, फिर भी कहीं न कहीं खुद से दूर होता हुआ महसूस करते हैं? आज की भागमभाग और तकनीक से भरी दुनिया में आप शामिल तो रहते हैं, लेकिन काम की डेडलाइंस, बेहतर प्रदर्शन करने का दबाव, सोशल मीडिया की लत और भविष्य की चिंता की वजह से खुद का और अपने प्रियजनों का ख्याल रखना आपके लिए चुनौती बन जाता है।

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ऐसे में कार्य-जीवन संतुलन का महत्व पहले से कहीं ज्यादा बढ़ जाता है। एक स्वस्थ कार्य-जीवन संतुलन का मतलब है कि आप अपने काम और निजी जीवन, दोनों में संतुष्टि और संतुलन महसूस करें। यहां ऐसे ही कुछ आसान, लेकिन प्रभावशाली तरीकों के बारे में बताया गया है, जिनकी मदद से आप न सिर्फ अपने पेशेवर और व्यक्तिगत जीवन में संतुलन ला सकते हैं, बल्कि खुद को मानसिक रूप से मजबूत भी कर सकते हैं।

कामकाजी दिनचर्या में बदलाव लाएं

रोजाना नियमित रूप से योग करने, साइकिल चलाने या टहलने जैसी शारीरिक गतिविधियों से न केवल आप तंदुरुस्त रहते हंै, बल्कि इनसे आपकी मानसिक स्पष्टता, सकारात्मकता और ऊर्जा का स्तर भी बढ़ता है। इन गतिविधियों को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। इससे काम के दबाव में आप तनाव महसूस नहीं करेंगे।

 सोशल मीडिया से किनारा

आज के समय में सबसे बड़ी चुनौती है डिजिटल भटकाव। यह आपके वक्त को दीमक की तरह खा जाता है। ऐसे में, अपने स्क्रीन टाइम पर नियंत्रण रखकर, नोटिफिकेशन को बंद करके और सोशल मीडिया का इस्तेमाल अपने तय समय पर करने जैसे छोटे-छोटे कदम उठाकर आप खुद के लिए वक्त निकाल पाएंगे और आपके पेशेवर जीवन पर भी कोई बुरा असर नहीं पड़ेगा।
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शौक पर भी ध्यान दें

यदि आपका कोई शौक है, तो उसके लिए थोड़ा समय जरूर निकालें। इसके अलावा, अपने लिए प्रेरणादायक कहानियां या पत्र लिखें, जिसमें आप अपनी उपलब्धियों, आभार और सकारात्मक अनुभव साझा कर सकते हैं। कठिन हालातों में इसे पढ़ने से आपको खुद को प्रेरित करने में काफी मदद मिलेगी।  

दिखावटी दौड़ से बचें 

सर्वश्रेष्ठ बनने की होड़ में शामिल न हों, यह महज एक दिखावा है। इसलिए, अपनी कमियों को स्वीकार करें, क्योंकि परफेक्शन (सबसे बेहतर बनना) की चाह तनाव पैदा करती है। साथ ही, अपनी सीमाएं तय करें, अच्छा माहौल और सकारात्मक लोगों का साथ चुनें।
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