फर्जीवाड़े में शामिल आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई
यूपीईएससी की अध्यक्ष प्रोफेसर कीर्ति पांडे ने पिछले साल सितंबर में इस्तीफा दे दिया था।
बयान के अनुसार, पूछताछ के दौरान महबूब अली ने कथित तौर पर कबूल किया कि उसने मॉडरेशन प्रक्रिया के दौरान विभिन्न विषयों के प्रश्न पत्रों तक पहुंच बनाई थी और उन्हें पैसे के बदले उम्मीदवारों को मुहैया कराया था। एसटीएफ ने कहा कि विस्तृत जांच और डेटा विश्लेषण के माध्यम से इस कबूलनामे की पुष्टि हुई है।
सभी भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, निष्पक्षता और सत्यनिष्ठा बनाए रखने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, बयान में कहा गया है कि यूपीईएससी को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि परीक्षा निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से दोबारा आयोजित की जाए।
सरकार ने कहा कि यह निर्णय वास्तविक उम्मीदवारों के हितों और भविष्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया है और परीक्षा संबंधी कदाचार में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।