समग्र दृष्टिकोण की जरूरत
किसी स्टार्टअप को सफल बनाने के लिए यह आवश्यक है कि आप रोजाना के छोटे-छोटे कामों और समस्याओं से हटकर पूरे परिप्रेक्ष्य को समझें। इसमें बाजार की व्यापक प्रवृत्तियां, प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण, ग्राहकों के व्यवहार में बदलाव, तकनीकी विकास और सामाजिक- आर्थिक कारक शामिल होते हैं। बड़ी तस्वीर देखने का मतलब भविष्य की अनिश्चितताओं को संभालने और सतत विकास की रणनीतियान बनाना है।
नए विचारों को मंच दें
इसे शैडो बोर्ड के नाम से भी जाना जाता है। इस नजरिए का इस्तेमाल नेतृत्व पदों के लिए युवा या कम अनुभवी कर्मचारियों को तैयार करने और उन्हें बढ़ावा देने के लिए किया जाता है। आप भी ऐसा मंच ही बनाएं, जिसमें जूनियर कर्मचारी भी शामिल हों। उनके नेतृत्व और दृष्टिकोणों को ध्यान से सुनेंऔर उन्हें तवज्जो दें। इससे कर्मचारियों को कंपनी की नीतिगत प्रक्रिया में प्रत्यक्ष भागीदारी का अनुभव होता है और वे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हैं।
विलंब नहीं, विचारपूर्वक काम
दीर्घकालिक परिणामों या सरल शब्दों में अपने स्टार्टअप के लिए बिग पिक्चर (बड़ी तस्वीर) देखन े के लिए आप भरपूर समय लें। इसे देरी या निष्क्रियता की भावना से न सोचें, बल्कि यह दर्शाता है कि आप काफी सोच- समझकर ही कोई कदम उठाते हैं। इसके अलावा जटिल मुद्दों को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटना और उन्हें अलग- अलग देखना आपको गुमराह कर सकता है। दीर्घकालिक परिणामों के प्रभावों को समझने के लिए इन टुकड़ों को जोड़कर एक समग्र फ्रेमवर्क में लाना आवश्यक होता है, जिससे सही कारण प्रभाव संबंध स्थापित हो।
आदर्श बनें
आपको यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आपकी कंपनी में बड़े चित्र को समझने की संस्कृति हो, जहां हर स्तर पर टीम के सदस्य रणनीतिक सोच को अपनाएं। आपको खुद ऐसा करके सबके सामने एक आदर्श प्रस्तुत करना चाहिए और ऐसे निर्णय लेने चाहिए, जो टीम और आपके स्टार्टअप को दीर्घकालिक लाभ दिला सकें।