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Startup Success: स्टार्टअप रातोंरात नहीं होते सफल, स्टार्टअप में धैर्य और सीख को विशेषज्ञ मानते हैं गेम चेंजर

Thu, 26 Mar 2026 11:07 AM IST
Shahin Praveen रयान कोहेन, हार्वर्ड बिजनेस रिव्यू

सार

Harvard Business Review: नए स्टार्टअप की शुरुआत में तुरंत मुनाफा कमाने की जल्दबाजी अक्सर नुकसानदायक हो सकती है। ऐसे में जरूरी है कि फाउंडर अपने बिजनेस को मजबूत और स्थिर बनाने पर ध्यान दें, ताकि भविष्य में मिलने वाली सफलता टिकाऊ और लंबे समय तक कायम रह सके।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : freepik
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विस्तार
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Success: किसी भी स्टार्टअप को तेजी से बढ़ाने से पहले उसका आधार मजबूत होना बहुत जरूरी है। मतलब, आपके काम करने का तरीका, धन प्रबंधन और टीम इतनी मजबूत होनी चाहिए कि बढ़ते काम को संभाल सके। जब कोई स्टार्टअप तेजी से बढ़ता है, तो उसकी ताकत और कमजोरी दोनों ही पक्ष और अधिक स्पष्ट होकर सामने आने लगते हैं। इसलिए जरूरी है कि आप पहले से ही मजबूत सिस्टम बनाएं और अपनी कंपनी की अच्छी संस्कृति को बनाए रखें। साथ ही, जैसे-जैसे व्यवसाय बड़ा होता है, तो केवल तेजी से बढ़ने पर ध्यान देने के बजाय उसे स्थिर और संतुलित बनाने पर भी ध्यान देना चाहिए, ताकि आपको सफलता स्थायी हो सके।

सोच-समझकर कदम उठाएं

अगर काम को सही तरीके से चलाना है, तो केवल लोगों की मेहनत पर निर्भर रहने के बजाय ऐसा सिस्टम बनाना चाहिए, जो काम को आसान बनाए और गलतियों की संभावना को कम करे। साथ ही, तेजी से बड़ा बनने के बजाय छोटे-छोटे और सोच-समझकर कदम उठाना बेहतर होता है, ताकि हर चरण में यह समझा जा सके कि क्या सही है और कहां सुधार की जरूरत है।

लोगों की जरूरत को पूरा करें

किसी भी स्टार्टअप या प्रोजेक्ट को बिना पूरी तैयारी के जल्दी-जल्दी बड़ा नहीं करना चाहिए। पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि आपका उत्पाद सच में लोगों की जरूरतें पूरी कर रहा है। अगर आप उससे पहले ही विस्तार करने लगते हैं, तो खर्चे काफी हद तक बढ़ जाते हैं, काम संभालना मुश्किल हो जाता है और कई बार सिस्टम कमजोर पड़ जाता है। इसलिए सही समय पर, मजबूत आधार बनने के बाद ही धीरे-धीरे विस्तार करना समझदारी होती है।

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गति और नियंत्रण दोनों साथ चलें

तेजी का मतलब सिर्फ जल्दी काम करना नहीं, बल्कि संतुलन बनाए रखते हुए आगे बढ़ना है। यानी विकास ऐसा हो, जिसमें सिस्टम पर दबाव न पड़े और काम सुचारु रूप से चलता रहे। इसके लिए जरूरी है कि पहले से ही मजबूत व्यवस्था-जैसे ऑटोमेटेड टेस्टिंग और मॉनिटरिंग तैयार हो, ताकि काम सुरक्षित और स्थिर रहे। गति और नियंत्रण दोनों साथ-साथ चलने चाहिए, ताकि न तो गलतियां बढ़ें और न ही प्रगति रुके। इसी संतुलन से लंबे समय तक स्थिर और सफल विकास संभव हो पाता है।

सही लोगों को जोड़ें

जब कोई संगठन बहुत तेजी से बढ़ता है, तो उसकी पहचान और कार्यसंस्कृति पर असर पड़ सकता है। इसलिए टीम का विस्तार करते समय सिर्फ संख्या बढ़ाने के बजाय ऐसे लोगों को जोड़ना जरूरी है, जो संगठन के मूल्यों को समझें और उन्हें बनाए रखें। विकास के साथ अपनी संस्कृति को संभालकर रखना ही लंबे समय तक सफलता और स्थिरता की कुंजी है, क्योंकि मजबूत संस्कृति ही टीम को एकजुट रखती है और संगठन को सही दिशा में आगे बढ़ाती है।
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