संघ लोक सेवा आयोग और राज्यों के लोक सेवा आयोगों की ओर से प्रारंभिक परीक्षा में सी-सैट लागू किए जाने के बाद सबसे अधिक बाहर होने वालों में यूपी बोर्ड से पढ़ाई करने वाले विद्यार्थी शामिल हैं। सीबीएसई एवं सीआईएससीई से पढ़ाई करने वाले छात्रों को अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई करने का लाभ मिलता है।
सीबीएसई एवं सीआईएससीई अपने पाठ्यक्रम में संघ लोक सेवा आयोग के बदलाव को ध्यान में रखकर संशोधन भी करते रहते हैं। वहीं दुनिया का सबसे बड़ा शिक्षा बोर्ड यूपी बोर्ड हर साल परीक्षा में शामिल होने वाले 60 से 65 लाख विद्यार्थियों के बारे में कुछ नहीं सोच रहा है।
यूपी बोर्ड की ओर से अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों को कम संख्या में मान्यता देना और पाठ्यक्रम को समय-समय पर रिवाइज नहीं करने के कारण यहां से परीक्षा पास करने वाले विद्यार्थी सिविल सेवा से बाहर होते जा रहे हैं। सीबीएसई एवं सीआईएससीई की ओर से जहां देश भर में प्रतिवर्ष सैकड़ों स्कूल खुल रहे हैं, वहीं यूपी बोर्ड की ओर से प्रतिवर्ष अंग्रेजी माध्यम के स्कूल गिनती के ही खुलते हैं।