प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठने वाले परीक्षार्थी अब अपनी उत्तर पुस्तिका की प्रति और साक्षात्कार के अंक प्राप्त कर सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने बृहस्पतिवार को एक अहम फैसले में कहा है कि सूचना के अधिकार के तहत परीक्षार्थियों को ये जानकारी देनी होगी। परीक्षा कराने वाली अथॉरिटी इससे मना नहीं कर सकती।
विभिन्न परीक्षाओं में आए दिन अनियमितता के आरोप लगते रहते हैं। इस देखते हुए शीर्ष अदालत का यह फैसला बेहद महत्वपूर्ण है। न्यायमूर्ति एमवाई इकबाल और न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा की पीठ ने यह व्यवस्था इलाहाबाद हाईकोर्ट तथा केरल हाईकोर्ट के निर्णय को सही ठहराते हुए दी है।
शीर्ष अदालत ने अपने फैसले में कहा कि उत्तर पुस्तिका की स्कैंड कॉपी और साक्षात्कार के अंक परीक्षार्थियों को मुहैया कराने से प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता आएगी तथा फेयर गेम सुनिश्चित किया जा सकेगा। छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में लंबा समय खर्च करते हैं, लिहाजा उन्हें यह जानकारी देना उचित होगा।