केंद्र सरकार ने कर्मचारियों को साहसिक खेलों से जोड़ने की मुहिम शुरू की है ताकि उनके टीम वर्क की भावना जागृत की जा सके और उन्हें पर्यावरण के प्रति जागरूक किया जा सके।
इसके लिए केंद्रीय सिविल सेवा सांस्कृतिक एवं क्रीड़ा बोर्ड के बैनर तले गढ़वाल मंडल विकास निगम लिमिटेड की ओर से कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें मॉडरेट ट्रैकिंग, रिवर राफ्टिंग, जंगल सफारी आदि कार्यक्रम शामिल हैं। इनका आयोजन ऋषिकेश, हरिद्वार, नीलकंठ, राजाजी नेशनल पार्क में किया जा रहा है।
कर्मचारियों को तनाव से दूर रखने, उनमें टीम और सहयोग की भावना जागृत करने, विपरीत परिस्थितियों में डटकर मुकाबला करने, आपदा से निपटने, पर्यावरण के प्रति जागरूकता पैदा करने सहित तमाम उद्देश्यों से सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों को साहसिक खेलों एवं इनके जैसी अन्य गतिविधियों से जोड़ने का निर्णय लिया है।
इसके लिए देश भर से केंद्रीय कर्मचारियों से आवेदन भी मांगे गए थे। शर्त यह थी कि किसी भी बैच में 20 से कम कर्मचारी नहीं होंगे। हर बैच के लिए कार्यक्रम की समय सीमा पांच दिन एवं चार रातें निर्धारित की गईं। कार्यक्रम तीन चरणों में आयोजित किए गए। पहले चरण में 27 से 31 जनवरी, दूसरे में पांच से नौ फरवरी और तीसर चरण में 10 से 14 फरवरी तक अलग-अलग बैचों को साहसिक खेलों में शामिल होने का मौका मिला।
इस कार्यक्रम में शामिल हर कर्मचारी पर 17 हजार 550 रुपये का खर्च आना है, जिसकी प्रतिपूर्ति भी की जाएगी। कर्मचारी इस तरह की गतिविधियों से नियमित रूप से जुड़े रहें, सो आगे भी ऐसे आयोजन कराए जाते रहेंगे।