कंपनियों में ऑटोमेशन के कारण 2018 तक ऑर्टिफिशियल इंटेजिलेंस और मशीन लर्निंग विशेषज्ञों की मांग में 60 फीसदी बढ़ोतरी की उम्मीद है। टैलेंट मैनेजमेंट सॉल्यूशंस प्रोवाइडर केलीओसीजी इंडिया के क्षेत्रीय निदेशक फ्रांसिस पद्मादन के अनुसार एआई और मशीन एडॉप्शन में भले ही इजाफा हो रहा है, लेकिन डीप लर्निंग एंड न्यूट्रल नेटवर्क्स जैसी तकनीकों के अनुभवी प्रतिभाओं की कमी है।
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ये है एआई पेशेवरों का वेतन
अनुभव सालाना
2-4 साल 15-20 लाख रुपये
4-8 साल 20-25 लाख रुपये
8-15 साल 50 लाख -1 करोड़ रूपये
वहीं एचआर पेशेवरों का मानना है कि एआई के कारण उनकी भूमिका व्यापक और अधिक रणनीति उत्पादकता प्रबंधन भूमिकाओं के रूप में विकसित होती है। एआई क्षेत्र में चूंकि प्रतिभाओं की भारी कमी है,
इसीलिए जो नियोक्ता एआई ऑटोमेशन टूल्स का इस्तेमाल कर भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाएंगे।