कई छात्र ऐसे होते हैं, जो बारहवीं के बाद ही अपना कॅरिअर बनाने का मन बना लेते हैं। यदि आप भी बारहवीं पास ऐसे ही छात्र हैं और एक रोमांचक कॅरिअर की तलाश में हैं, जिसमें रोमांच, टीमवर्क और अपने देश की सेवा का संयोजन शामिल हो, तो नेवी आपके लिए बेहतर विकल्प है। इसमें आपको कॅरिअर के दो विकल्प मिलेंगे भारतीय नेवी और मर्चेंट नेवी। दोनों ही क्षेत्रों में 12वीं के बाद कॅरिअर बनाया जा सकता है। जहां भारतीय नौसेना भारत की रक्षा के लिए काम करती है, वहीं मर्चेंट नेवी में वाणिज्यिक लाभ के लिए माल और यात्रियों का परिवहन शामिल है। इन में शामिल होने के लिए अलग-अलग चयन प्रक्रिया और पात्रता मानदंड निर्धारित किए गए हैं।
ऐसे करें शुरुआत
नेवी में शामिल होने के लिए आपको बारहवीं अंग्रेजी, गणित, भौतिकी जैसे विषयों से उत्तीर्ण करना होगा। हालांकि, आर्ट्स और कॉमर्स के छात्र स्पोट्र्स, म्यूजिशियन और मैट्रिक रिक्रूट (शेफ / स्टीवर्ड/ सैनिटरी हाइजीनिस्ट) के तौर पर लिखित परीक्षा, संगीत क्षमता परीक्षण और चिकित्सा परीक्षण के जरिये भारतीय नौसेना में शामिल हो सकते हैं। मर्चेंट नेवी के लिए आईएमयू सीईटी प्रवेश परीक्षा, साक्षात्कार और चिकित्सा परीक्षण जरूरी है।
एनडीए और आईएनए
यूपीएससी साल में दो बार एनडीए की परीक्षा आयोजित करता है। भारतीय सेना में नेवी ऑफिसर बनने के लिए एनडीए सबसे प्रारंभिक चरण है। इस परीक्षा में लिखित परीक्षा, एसएसबी द्वारा साक्षात्कार और चिकित्सा परीक्षण का आयोजन किया जाता है। यदि आपके पास एनसीसी का सर्टिफिकेट है, तो आपको भर्ती प्रक्रिया में कुछ छूट मिल सकती है। इसमें शामिल होने के लिए अभ्यर्थियों की आयु 16.5 से 19 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
10+2 (बीटेक) सीधी भर्ती
10+2 (बीटेक) सीधी भर्ती के लिए भी वर्ष में दो बार आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं। बारहवीं में पीसीएम विषय में 70 प्रतिशत अंक और जेईई (मेन) रैंक के आधार पर अभ्यर्थी भारतीय नौसेना में आईएनए अधिकारी पद के लिए आवेदन कर सकते हैं। सेवा चयन बोर्ड (एसएसबी) के लिए कॉल-अप केवल जेईई (मेन) की रैंक सूची के आधार पर जारी किया जाता है।
मर्चेंट नेवी भी बेहतर विकल्प
अगर आपका चयन किसी कारणवश इंडियन नेवी में नहीं हो पाया, तो परेशान ना हों। मर्चेंट नेवी भी एक बेहतर विकल्प है। आप आईएमयूसीईटी ( भारतीय समुद्री विश्वविद्यालय सामान्य प्रवेश परीक्षा) और अखिल भारतीय मर्चेंट नेवी प्रवेश परीक्षा (एआईएमएनईटी) जैसी प्रवेश परीक्षाओं के जरिये डेक डिपार्टमेंट में डिप्लोमा इन नॉटिकल साइंस या बीएससी नॉटिकल साइंस और इंजन डिपार्टमेंट में बीटेक मरीन इंजीनियरिंग जैसे कोर्स का चयन कर सकते हैं। प्रवेश परीक्षा, मेडिकल जांच और साक्षात्कार में अच्छे प्रदर्शन के आधार पर काउंसलिंग और ट्रेनिंग प्रोग्राम में शामिल हो सकते हैं। चयनित होने के बाद आपको प्री-सी ट्रेनिंग में जहाजों या समुद्री संस्थानों में व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।