कौन-कौन से राज्य से आए सबसे ज्यादा अधिकारी?
2024 के यूपीएससी रिजल्ट में उत्तर प्रदेश और राजस्थान से सबसे अधिक सफल उम्मीदवार निकले। इन राज्यों ने आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के रूप में सबसे ज्यादा प्रतिनिधित्व किया। यूपी से सबसे ज्यादा 27 आईएएस अफसर बने हैं। वहीं दूसरे स्थान पर राजस्थान से 23 अभ्यर्थी आईएएस अफसर बने है। बिहार से 11 और मध्य प्रदेश से 7 उम्मीदवार अफसर बने हैं।
UPSC CSE 2023 के टॉप 10 में 6 लड़कियां
| रैंक |
रोल नंबर |
नाम |
राज्य |
| 1 |
2629523 |
आदित्य श्रीवास्तव |
उत्तर प्रदेश |
| 2 |
6312512 |
अनिमेष प्रधान |
ओडिशा |
| 3 |
1013595 |
दोनुरु अनन्या रेड्डी |
तेलंगाना |
| 4 |
1903299 |
पी के सिद्धार्थरामकुमार |
केरल |
| 5 |
6312407 |
रुहानी |
हरियाणा |
| 6 |
0501579 |
सृष्टि डबास |
दिल्ली |
| 7 |
3406060 |
अनमोल राठौड़ |
कश्मीर |
| 8 |
1121316 |
आशीष कुमार |
राजस्थान |
| 9 |
6016094 |
नौशीन |
उत्तर प्रदेश |
| 10 |
2637654 |
एश्वर्यम प्रजापति |
उत्तर प्रदेश |
UPSC Topper List: (यहां क्लिक करके देखें)
टॉप 5 रैंक में आने वाले 3 कैंडिडेट्स पहले से ही आईपीएस अफसर
इस साल टॉप 5 रैंक में आने वाले 3 कैंडिडेट्स पहले से ही आईपीएस ऑफिसर हैं। रैंक 1 हासिल करने वाले आदित्य श्रीवास्तव, रैंक 4 पी के सिद्धार्थ रामकुमार और रैंक 5 रूहानी हैदराबाद में नेशनल पुलिस एकेडमी में ट्रेनिंग पूरी कर रहे थे।
पिछले 11 सालों में ऐसा पहली बार हुआ है कि सर्विस में रहते हुए किसी आईपीएस ने इस एग्जाम में ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल की है। इससे पहले साल 2013 में आईपीएस गौरव अग्रवाल ने सिविल सर्विसेज एग्जाम में ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल की थी।
सिर्फ 180 आईएएस ही क्यों?
एक केंद्रीय मंत्री ने बताया था कि काबिल और योग्य आईएएस ऑफिसर्स को एक बेहतर संख्या में लेने के लिए सरकार ने बासवान समिति की सिफारिशों को मानते हुए सीएसई-2012 के बाद से सिविल सर्विसेस एग्जाम के जरिए आईएएस ऑफिसर्स के एनुअल इनटेक को बढ़ाकर 180 कर दिया था। हालांकि, कमिटी द्वारा यह भी सिफारिश की गई थी कि 180 से अधिक आईएएस ऑफिसर्स को एक बार में लेना प्रशासनिक सेवा की गुणवत्ता से समझौता करने जैसे होगा।
तीन चरणों की परीक्षा पास कर बनाते है अफसर
यूपीएससी की तरफ से आईएएस, आईपीएस, आईएफएस और आईआरएस पदों पर भर्ती के लिए सिविल सेवा परीक्षा का आयोजन किया जाता है। यह परीक्षा तीन चरणों में आयोजित की जाती है, जिसमें प्रीलिम्स, मेंस और इंटरव्यू की प्रक्रिया शामिल होती है। हर साल लगभग 9 से 10 लाख अभ्यर्थी इस परीक्षा में बैठते हैं, लेकिन उनमें से चुनिंदा अभ्यर्थी ही इस परीक्षा को पास कर अधिकारी का पद हासिल कर पाते हैं।