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IAS And IPS Officer: आईएएस और आईपीएस को मिलती है कैसी सुरक्षा? जानिए रुतबे के पीछे का राज

Sat, 05 Apr 2025 01:57 PM IST
शाहीन परवीन जॉब्स डेस्क, अमर उजाला

सार

IAS And IPS Officer Security: आईएएस और आईपीएस अधिकारी किसी जिले के सबसे अहम पदों पर होते हैं। आईएस जहां पूरे जिले का प्रशासन संभालता है, वहीं आईपीएस जिले की पुलिस व्यवस्था का प्रमुख होता है। इन दोनों अधिकारियों को न सिर्फ तमाम सरकारी सुविधाएं मिलती हैं, बल्कि उनकी सुरक्षा का भी खास ख्याल रखा जाता है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : freepik
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विस्तार
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IAS And IPS Officer: आईएएस या आईपीएस अधिकारी बनना देश के लाखों युवाओं का सपना होता है। हर साल यूपीएससी (UPSC) की परीक्षा में लाखों छात्र हिस्सा लेते हैं, ताकि वो इस सपने को पूरा कर सकें। लेकिन सच्चाई यह है कि बहुत कम लोग ही इस बेहद कठिन परीक्षा को पास कर पाते हैं और प्रशासनिक सेवा तक पहुंचते हैं। जब हम किसी आईएएस या आईपीएस अधिकारी को देखते हैं, तो उनके रुतबे और शान को देखकर हमारे मन में भी यही ख्याल आता है काश हम भी ऐसे बन पाते। इसकी वजह भी साफ है कि इन अधिकारियों को सरकार की ओर से न सिर्फ अच्छा वेतन मिलता है, बल्कि कई तरह की सरकारी सुविधाएं भी दी जाती हैं।

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हालांकि, बहुत कम लोग ये जानते हैं कि आईएएस या आईपीएस अधिकारियों को किस स्तर की सुरक्षा दी जाती है। उनके काम की गंभीरता और जिम्मेदारियों को देखते हुए सरकार उनकी सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखती है, तो आइए जानते हैं कि इन अधिकारियों को सुरक्षा किस कैटेगरी की मिलती है और सरकार किस आधार पर सुरक्षा व्यवस्था तय करती है।

कैसी होती है आईएएस (IAS) अधिकारी की सुरक्षा?

आईएएस अधिकारी किसी भी जिले में सबसे ऊंचे प्रशासनिक पद पर होता है और उसके फैसले सीधे शासन-प्रशासन को प्रभावित करते हैं। ऐसे में उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार की होती है। सरकार यह सुनिश्चित करती है कि अधिकारी निर्भय होकर अपने कर्तव्यों का पालन कर सके।

फील्ड और घर दोनों जगह होती है सुरक्षा

जब कोई आईएएस अधिकारी फील्ड ड्यूटी पर होता है, तो उसके साथ लोकल पुलिस के साथ-साथ विशेष सुरक्षा गार्ड भी तैनात रहते हैं। वहीं, जब वह अपने सरकारी आवास (बंगले) पर होता है, तो वहां भी आमतौर पर 1 से 2 सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाती है, जो उसकी और उसके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं।

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संवेदनशील इलाकों में मिलती है अतिरिक्त सुरक्षा

अगर किसी आईएएस अधिकारी की पोस्टिंग किसी नक्सल प्रभावित या संवेदनशील इलाके में होती है, तो खतरे को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा दी जाती है। यह सुरक्षा Z, Y या X कैटेगरी तक हो सकती है, जो खतरे के स्तर पर निर्भर करती है। जरूरत पड़ने पर स्पेशल कमांडो भी तैनात किए जा सकते हैं।

आईपीएस (IPS) अधिकारियों की सुरक्षा और एस्कॉर्ट सुविधा

आईपीएस अधिकारियों की सुरक्षा भी उनकी पोस्टिंग और रैंक के हिसाब से तय होती है। आमतौर पर उन्हें एक एस्कॉर्ट वाहन, 1 से 2 सुरक्षा कर्मी और स्थानीय पुलिस की सुरक्षा मिलती है। अगर आईपीएस अधिकारी किसी हाई रिस्क या नक्सल क्षेत्र में तैनात हैं, तो उनकी सुरक्षा के लिए स्पेशल फोर्सेज या कमांडो भी नियुक्त किए जा सकते हैं। उनके सरकारी आवास पर भी रैंक के अनुसार सुरक्षा गार्ड उपलब्ध कराए जाते हैं।
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