संवेदनशील इलाकों में मिलती है अतिरिक्त सुरक्षा
अगर किसी आईएएस अधिकारी की पोस्टिंग किसी नक्सल प्रभावित या संवेदनशील इलाके में होती है, तो खतरे को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा दी जाती है। यह सुरक्षा Z, Y या X कैटेगरी तक हो सकती है, जो खतरे के स्तर पर निर्भर करती है। जरूरत पड़ने पर स्पेशल कमांडो भी तैनात किए जा सकते हैं।
आईपीएस (IPS) अधिकारियों की सुरक्षा और एस्कॉर्ट सुविधा
आईपीएस अधिकारियों की सुरक्षा भी उनकी पोस्टिंग और रैंक के हिसाब से तय होती है। आमतौर पर उन्हें एक एस्कॉर्ट वाहन, 1 से 2 सुरक्षा कर्मी और स्थानीय पुलिस की सुरक्षा मिलती है। अगर आईपीएस अधिकारी किसी हाई रिस्क या नक्सल क्षेत्र में तैनात हैं, तो उनकी सुरक्षा के लिए स्पेशल फोर्सेज या कमांडो भी नियुक्त किए जा सकते हैं। उनके सरकारी आवास पर भी रैंक के अनुसार सुरक्षा गार्ड उपलब्ध कराए जाते हैं।