एपीओ-2011 के टॉपर विजय कुमार रावत के पिता राम प्रसाद लखनऊ के मलिहाबाद के गांव के किसान हैं। माता-पिता दोनों अनपढ़ हैं, लेकिन बेटा न सिर्फ उनका बल्कि, पूरे गांव की शान बन गया। विजय के इस सफलता में प्रेरणा बनी उनकी भावी पत्नी। दोनों की इसी 22 अप्रैल को शादी तय है।
लखनऊ जिला कचहरी में वकालत कर रहे विजय का कहना है कि उनके परिवार में वह पहले व्यक्ति हैं जो सरकारी नौकरी करेंगे। उनका कहना है कि जिनसे उनकी शादी होने वाली है वह सीतापुर में प्राथमिक शिक्षक हैं। साथ में लखनऊ विश्वविद्यालय में शोधछात्रा हैं। उन्होंने ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए लगातार प्रेरित किया और उसी का नतीजा सामने है।
विजय ने बताया कि यह उनकी पहली भर्ती परीक्षा थी, जिसमें वह सफल भी हुए। विजय न्यायिक क्षेत्र में ही आगे जाना चाहते हैं और पीसीएस-जे की तैयारी कर रहे हैं। दूसरे स्थान पर रहने वाली स्मृति चौरसिया के पिता रामकृष्ण हाईकोर्ट के लखनऊ ऑफिस में डिप्टी रजिस्ट्रार हैं। वह सिविल सेवा की तैयारी कर रही हैं।
पीसीएस, पीसीएस-जे समेत कई परीक्षाओं के साक्षात्कार में भी वह शामिल हो चुकी हैं, लेकिन अंतिम तौर पर सफलता अब मिली है। तीसरे स्थान पर रहने वाले अमित कुमार यादव भी गाजीपुर के पहलवानपुर गांव के छोटे से किसान मानिकराज सिंह यादव के पुत्र हैं। अमित ने इलाहाबाद में ही स्नातक की पढ़ाई पूरी की और तैयारी में जुट गए। अमित इससे पहले लोअर सबऑर्डिनेट-2008 में ऑडिटर पद पर चयनित हो चुके हैं और इस समय मेरठ में तैनात हैं।