उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
उत्तर प्रदेश बेसिक एजुकेशन बोर्ड (UPBEB) द्वारा 23 जनवरी 2022 को आयोजित की जाने वाली उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिए गए हैं। इसमें 21 लाख अभ्यर्थी हिस्सा लेंगे। कोरोना महामारी की वजह से हालात काफी खराब हैं इसलिए बोर्ड अभ्यर्थियों की सुरक्षा के लिए नई नियमों का पालन करेगा। साथ ही अभ्यर्थियों से भी बोर्ड ने परीक्षा केंद्र आते वक्त और केंद्र में भी सभी नियम अपनाने की सलाह दी है। परीक्षा में अब कुछ ही दिनों का समय रह गया है और ऐसे में अभ्यर्थियों को इन बचे हुए दिनों में अपने रिवीजन पर खूब ध्यान देना चाहिए। अभ्यर्थी सफलता डॉट कॉम पर मौजूद कई फ्री कोर्सेस और FREE UPTET E-Books: Download Now की मदद से भी इस बचे हुए समय में अपनी तैयारी को बेहतर बना सकते हैं और पूरे सिलेबस का कंप्लीट रिवीजन कर सकते हैं।
UPTET में क्या है अभ्यर्थियों के सफलता का प्रतिशत :
UPTET का आयोजन इससे पहले 2019 में किया गया था। विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उस समय इस परीक्षा में तकरीबन 16 लाख अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया था और इनमें 3.54 लाख अभ्यर्थियों ने सफलता हासिल की थी। इस हिसाब से देखा जाए तो इस परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों में 22.13 प्रतिशत अभ्यर्थियों ने इसमें सफलता हासिल की थी। जबकि, 2018 में आयोजित की गई UPTET में 11 लाख अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया था और इसमें से 3.86 लाख अभ्यर्थियों ने सफलता हासिल की थी। इस परीक्षा में अभ्यर्थियों के सफलता का प्रतिशत 35.10 फीसदी रहा था।
किन चीजों पर निर्भर करता है सफलता का प्रतिशत :
इस परीक्षा में अभ्यर्थियों के बीच आपस मे कोई प्रतिस्पर्धा नहीं होती है और निर्धारित कट ऑफ स्कोर को पार करने वाले सभी अभ्यर्थी इस परीक्षा में सफल घोषित किए जाते हैं। इसलिए यह कहा जा सकता है की इस परीक्षा में अभ्यर्थियों के सफलता का प्रतिशत इसमें हिस्सा लेने जा रहे अभ्यर्थियों के ज्ञान के स्तर और प्रश्नों के लेवल के ऊपर निर्भर करता है। गौरतलब है कि इस पात्रता परीक्षा में सफल होने के लिए जनरल श्रेणी के अभ्यर्थियों को 60 प्रतिशत और आरक्षित श्रेणी के अभ्यर्थियों को 55 प्रतिशत मार्क्स लाने होते हैं।
UPTET परीक्षा में क्या दोहराए गए थे 2017 की परीक्षा के प्रश्न, यहां देखें कितने प्रश्न लगभग एक समान थे