इलाहाबाद हाईकोर्ट ने टीईटी 2019 में आर्थिक रूप से पिछड़े अभ्यार्थियों को 10 प्रतिशत आरक्षण का लाभ नहीं देने के मामले में राज्य सरकार से जानकारी मांगी है।
विनय कुमार पांडेय और अन्य न मामले में याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया है कि संसद ने संविधान के 103वें संशोधन के माध्यम से आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग के लिए भी 10 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की है। इसकी अधिसूचना भी 18 फरवरी 2019 को जारी की जा चुकी है और कानून भी प्रभाव में आ चुका है।
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इसके बाद भी राज्य सरकार ने टीईटी 2019 के लिए जारी किए गए विज्ञापन में आर्थिक रूप से पिछड़े अभ्यर्थियों के लिए आरक्षण की व्यवस्था नहीं की गई है। जबकि एससी/एसटी और अन्य पिछड़ा वर्ग को न्यूनतम अंक में पांच प्रतिशत की छूट प्रदान की गई है। याचिका का संज्ञान लेते हुए न्यायमूर्ति नीरज तिवारी ने आदेश जारी किया है। कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 14 नवंबर की तारीख दी है।
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