एरोनॉटिकल इंजीनियर शीरिषा बांदला।
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अक्सर जब भारतीय मूल की प्रथम महिला अंतरिक्ष यात्री का सवाल आपके सामने आता होगा तो आपके जहन में झट से कल्पना चावला का नाम आ जाता होगा वहीं कल्पना चावला जिनका जन्म 17 मार्च 1962 को करनाल में हुआ था। वह चार भाई-बहनों में सबसे छोटी थीं। साल 1988 में कल्पना चावला ने नासा ज्वॉइन किया था। कल्पना चावला ने 19 नवंबर 1997 को अपना पहला अंतरिक्ष मिशन शुरू किया तब उनकी उम्र महज 35 साल की रही होगी ऐसे में उन्होंने 6 अंतरिक्ष यात्रियों के साथ स्पेस शटल कोलंबिया STS-87 से उड़ान भरी। अपने पहले मिशन के दौरान कल्पना ने 1.04 करोड़ मील सफर तय करते हुए करीब 372 घंटे अंतरिक्ष में बिताए थे। ये अपने आप में एक गौरव शाली इतिहास था जब भारतीय मूल की किसी महिला अंतरिक्ष यात्री ने भारत देश के सम्मान को जग भर में बढ़ाया था। इसी तरह इन दिनों अब भारतीय मूल की तीसरी महिला यात्री भी अंतरिक्ष की उड़ान भरने जा रही है जिसके बारे में आज हम इस आर्टिकल लगभग पूरी जानकारी साझा करने जा रहे हैं। इसके पहले दुसर पायदान में सुनीता विलियम्स का नाम शामिल किया जाता है। इसके साथ ही करेंट अफेयर्स की तैयारी के लिए सफलता के फ्री कोर्स से जुड़ सकते हैं।
कौन हैं तीसरी भारतीय महिला अंतरिक्ष यात्री
आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले में जन्मीं सिरीशा बंदला अमेरिका के ह्यूस्टन में पली बढ़ी हैं। वह एक अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री हैं। उन्होंने जॉर्ज वाशिंगटन यूनिवर्सिटी से एमबीए किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सिरीशा बंदला वर्जिन गेलेक्टिक रॉकेट पर अंतरिक्ष यात्री संख्या 4 के रूप में जाएंगी। उसका काम रिसर्चर का होगा।
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