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UPSSSC PET 2022: पर्सेंटाइल और नॉर्मलाइज्ड स्कोर में कौन से अंक हैं सबसे अधिक महत्वपूर्ण, किन नंबरों के आधार मिलेगा सरकारी नौकरी में आवेदन का मौका

सार

पीईटी में शामिल हुए 17 लाख से अधिक छात्रों का रिजल्ट जारी कर दिया गया है।  अब नवंबर माह में आयोग की ओर से जल्द ही राजस्व लेखपाल के 7,882 पदों पर भर्ती आयोजित किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
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UPSSSC - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्ररदेश सबऑर्डिनेट सर्विस सिलेक्शन कमीशन (UPSSSC) ने यूपी में ग्रुप सी और डी की सरकारी नौकरियों के लिए लागू किए गए प्रीलिमिनरी एलिजिबिलिटी टेस्ट (PET) का रिजल्ट जारी कर दिया है। रिजल्ट में अभ्यर्थियों  के  वास्तविक स्कोर, नॉर्मलाइज्ड स्कोर और पर्सेंटाइल स्कोर को शामिल कर स्कोर कार्ड तैयार किया गया है जो 1 वर्ष के लिए वैध होगा। इसके अलावा इस एग्जाम में प्राप्त अंकों के आधार पर ही उम्मीदवारों को यूपी अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ग्रुप-सी/डी पदों की भर्तियों में आवेदन करने का मौका दिया जाएगा। इनमें राजस्व लेखपाल, कनिष्ठ सहायक, स्वास्थ्य विभाग जैसे कई अन्य विभाग शामिल हैं जिनमें लगभग 30 हजार से अधिक भर्तियां होंगी। अनुमान लगाया जा रहा है कि पीईटी का रिजल्ट जारी होने के बाद अब किसी भी वक्त यूपी में लेख पास के 7,882 पदों के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया जा सकता है। ऐसे में अगर आप राजस्व लेखपाल भर्ती की तैयारी कर रहे हैं तो इस भर्ती के लिए आयोजित की जाने वाली परीक्षा की पक्की तैयारी करने के लिए सफलता डॉट कॉम द्वारा चलाए जा रहे  खास FREE UPSSSC PET Online Course - Join Now फ्री ई-बुक कोर्स की मदद ले सकते हैं। 

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ऐसे समझें क्या होता है पर्सेंटाइल स्कोर

PET के स्कोरकार्ड में वास्तविक स्कोर, नॉर्मलेइज्ड स्कोर के साथ-साथ पर्सेंटाइल स्कोर भी जारी किए गए हैं। इस स्कोर की मदद से अभ्यर्थी इस बात का आसानी से पता लगा सकते हैं कि कितने प्रतिशत उम्मीदवारों ने उससे अधिक या कम स्कोर हासिल किए हैं। उदाहरण के लिए किसी अभ्यर्थी ने 95 पर्सेंटाइल स्कोर हासिल किया तो ऐसे में यह माना जा सकता है कि एग्जाम में शामिल होने वाले कुल उम्मीदवारों में 5 प्रतिशत ऐसे अभ्यर्थी हैं जिन्होंने परीक्षा में उस स्टूडेंट्स के बराबर नंबर हासिल किए हैं। इसके अलावा 95 पर्सेंट सफल स्टूडेंट्स उस छात्र के द्वारा हासिल किए गये स्कोर से पीछे हैं। हालांकि पर्सेंटाइल स्कोर जानने के लिए एग्जाम में शामिल होने वाले कुल छात्रों की संख्या का मालूम होना बेहद ही जरूरी है। स्टूडेंट्स की कुल संख्या के बाद ही उचित पर्सेंटाइल स्कोर के आंकड़े ज्ञात किए जा सकते हैं। 
माना जाएगा कि परीक्षा देने वाले कुल 95 फीसदी उम्मीदवारों के अंक मेरिट लिस्ट में उससे कम है और वो उम्मीदवार मेरिट लिस्ट के टॉप- 5 अभ्यर्थियों में शामिल है। 

कैसे अलग है पर्सेंटाइल से नॉर्मलाइज्ड स्कोर

मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के मुताबिक, यूपीएसएसएससी की इस पात्रता परीक्षा में लगभग 20 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों ने आवेदन किया था और एग्जाम में करीब 17 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स शामिल हुए थे। ये एग्जाम दो शिफ्ट में आयोजित कराए गए थे। दोनों ही पालियों में चार तरह के अलग-अलग प्रश्न पत्र दिए गए थे । ऐसे में इन दोनों पालियों के छात्रों को एग्जाम में समान अंक देने के उद्देश्य से जिस प्रोसेस को अपनाया जाता है, उसे नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया कहते हैं। इस प्रक्रिया को अपनाने के बाद कभी-कभी किसी अभ्यर्थी के वास्तविक अंकों में कमी भी हो आ जाती है और कुछ छात्रों के वास्तविक अंकों में इजाफा भी हो जाता है। 

इससे कम स्कोर वाले अब लेखपाल में नहीं बैठ पाएंगे 

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