राज्यसभा में दिया जवाब
राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में उन्होंने स्पष्ट किया, "UPSC ने CSE-2025 के लिए DAF-I और DAF-II को हटाकर नया पंजीकरण और ऑनलाइन आवेदन मॉड्यूल लागू किया है।"
मंत्री ने उन अधिसूचित नियमों का भी उल्लेख किया, जिनके अनुसार उम्मीदवारों को आवेदन पत्र भरते समय जन्म तिथि, आरक्षण श्रेणी और शैक्षणिक योग्यता से संबंधित आवश्यक जानकारी और दस्तावेज जमा करने होंगे।
नियमों में कहा गया है कि यदि कोई उम्मीदवार पंजीकरण और ऑनलाइन आवेदन पत्र में आवश्यक जानकारी या दस्तावेज जमा करने में विफल रहता है, तो उसकी उम्मीदवारी रद्द कर दी जाएगी।
UPSC हर साल भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय विदेश सेवा (IFS) और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारियों की भर्ती के लिए सिविल सेवा परीक्षा तीन चरणों - प्रारंभिक, मुख्य और साक्षात्कार में आयोजित करता है।
नए वैकल्पिक विषय शामिल करने के प्रस्ताव पर भी हुई समीक्षा
एक अन्य उत्तर में, मंत्री ने बताया कि वर्तमान में चिकित्सा विज्ञान सिविल सेवा (मुख्य) परीक्षा के लिए उपलब्ध वैकल्पिक विषयों में से एक है। उन्होंने यह भी कहा कि सिविल सेवा परीक्षा में नए वैकल्पिक विषयों को शामिल करने के प्रस्ताव की समीक्षा की गई थी, लेकिन इसे व्यावहारिक नहीं पाया गया।
सिंह यह उत्तर उस प्रश्न के संदर्भ में दे रहे थे, जिसमें यह पूछा गया था कि सिविल सेवा परीक्षाओं में फार्मेसी को वैकल्पिक विषय के रूप में क्यों नहीं जोड़ा गया है।