कुमार ने कहा कि इस सिस्टम को पूरे देश में बड़े स्तर पर लागू करना एक बड़ी चुनौती थी। इसके लिए मौजूदा पर्यवेक्षकों का इस्तेमाल करना, उन्हें जल्दी से प्रशिक्षण देना और कम समय में पूरी व्यवस्था तैयार करना जरूरी था। UPSC, NeGD और MeitY की टीमों ने मिलकर लगभग 5.5 लाख उम्मीदवारों के लिए 2000 से ज्यादा परीक्षा केंद्रों पर इस तकनीक को सफलतापूर्वक लागू किया, जो एक बड़ी उपलब्धि है।
तेज और बड़ी क्षमता वाला फेस ऑथेंटिकेशन सिस्टम
इस एप्लिकेशन की खास बात इसकी तेज गति है। इसमें किसी भी उम्मीदवार की पहचान सिर्फ 6 से 8 सेकंड में हो जाती है। इससे परीक्षा केंद्रों पर भीड़ नहीं लगी और प्रवेश आसानी से हो गया। यह सिस्टम बहुत ज्यादा लोगों को एक साथ संभाल सकता है। एक समय में 7,000 से अधिक पर्यवेक्षकों ने इसका इस्तेमाल किया और व्यस्त समय में यह हर मिनट करीब 12,000 सत्यापन कर सकता था, जिससे पूरी प्रक्रिया बिना रुकावट के चलती रही।