संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षाओं के लिए अब आवेदन फॉर्म को बार-बार नहीं भरना होगा। आयोग ने वन टाइम रजिस्ट्रेशन (ओटीआर) सुविधा शुरू की है, जिसमें पंजीकरण के बाद अभ्यर्थी की निजी जानकारियां सर्वर पर सेव (सुरक्षित) हो जाएंगी। अगली बार आवेदन करने पर 70 प्रतिशत तक फॉर्म भरा मिलेगा।
ओटीआर के लिए यूपीएससी की वेबसाइट पर विशेष प्लेटफॉर्म बनाया गया है। यहां किसी भी समय पंजीकरण करवाया जा सकता है। विद्यार्थी खुद अपनी जानकारियां सत्यापित या वेरिफाई करेंगे।
बचेगा समय, गलतियां होंगी कम
आयोग के अनुसार, इससे अभ्यर्थियों का समय बचेगा व गलती होने की आशंका भी कम होगी। आयोग हर साल सिविल सेवा परीक्षा आयोजित करता है। इसके तीन चरण प्रिलिमिनरी, मेन और इंटरव्यू हैं। इनके जरिये भारतीय प्रशासनिक सेवा, विदेश सेवा, पुलिस सेवा व अन्य सेवाओं के लिए अधिकारी चुने जाते हैं।
ईडब्ल्यूएस को छह और दिव्यांग को नौ मौके
- परीक्षा में शामिल होने के लिए सामान्य व आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) को 6, ओबीसी वर्ग व बेंचमार्क दिव्यांग श्रेणी को 9 और एससी और एसटी वर्ग को असीमित प्रयास मिलते हैं।
- प्रयास का मतलब है कि आवेदन करने के बाद अभ्यर्थी ने प्रिलिमिनरी चरण की कम से कम एक पेपर की परीक्षा दी हो।
निर्धारित प्रयास से ज्यादा किए तो घोषित होंगे अयोग्य
आयोग ने कहा कि सिविल सेवा परीक्षा में कोई अभ्यर्थी कितनी बार शामिल हुआ, यह गिनना खुद अभ्यर्थी की प्राथमिक जिम्मेदारी है। अन्यथा परीक्षा के किसी भी चरण में जांच के दौरान अगर वह निर्धारित से ज्यादा बार परीक्षा में शामिल मिला, तो उसे अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा। यूपीएससी की भावी परीक्षाओं में शामिल होने से भी 10 साल के लिए रोक दिया जाएगा।