उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की भर्तियों में कला वर्ग के विषयों का वर्चस्व एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। पीसीएस-2013 के अंतिम परिणाम से स्पष्ट है कि तकनीकी और विज्ञान के विषयों का तिलिस्म अब टूटने लगा है। मेरिट लिस्ट में शामिल प्रथम चार में से तीन अभ्यर्थियों ने मुख्य परीक्षा में कला वर्ग के विषयों चुना।
गौर करने वाली बात यह है कि प्रथम 10 स्थान पर रहने वाले अभ्यर्थियों में से छह ने समाजकार्य को एक विषय के रूप में चुना। इस तरह से समाजकार्य सबसे हॉट सब्जेक्ट के रूप में सामने आया है। रक्षा अध्ययन, लोक प्रशासन आदि विषय लेकर चयनित होने वाले अभ्यर्थियों की भी लंबी फेहरिस्त है। खास यह कि इन प्रतियोगियों ने स्नातक और परास्नातक विज्ञान के विषयों से किया है। टॉपर पंकज सिंह तो एमटेक हैं।
संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सर्विसेज (आईएएस) के परीक्षा प्रारूप में बदलाव के बाद बीटेक, प्रबंधन तथा विज्ञान के विद्यार्थियों का पूरी तरह से कब्जा हो गया है। इसके विरोध में प्रतियोगियों ने लंबा आंदोलन भी चलाया। इसके बाद आयोग ने अभ्यर्थियों को आवेदन के लिए दो अतिरिक्त मौका दिया, जिससे कि वे बदलाव के अनुरूप खुद को ढाल सकें।
इसके बावजूद कला वर्ग के विषयों को लेकर तैयारी करने वाले उत्तर भारत के प्रतियोगियों का आईएएस में सफलता का ग्राफ काफ नीचे गिर गया है। विगत दो वर्षों में पीसीएस में भी यही स्थिति रही। इस तरह के रिजल्ट से यहां के प्रतियोगियों में काफी निराशा रही लेकिन पीसीएस-2013 के अंतिम परिणाम के बाद उनमें एक बार फिर उत्साह है।
समाजकार्य सबसे हॉट सब्जेक्ट
टॉपर पंकज सिंह ने इलाहाबाद के शियाट्स से एमटेक किया है लेकिन पीसीएस मुख्य परीक्षा में उन्होंने समाजकार्य और लोक प्रशासन विषय को चुना। हालांकि पहले प्रयास में ही टाप करने वाले पंकज का कहना है कि बीटेक और एमटेक की पढ़ाई काफी मददगार साबित हुई। प्रदेश के इस सबसे प्रतिष्ठित भर्ती परीक्षा में दूसरे स्थान पर रहे नागेंद्र नाथ यादव ने मुख्य परीक्षा में रक्षा अध्ययन और जंतु विज्ञान को रखा था। खास यह कि नागेंद्र शिक्षाशास्त्र विषय के असिस्टेंट प्रोफेसर हैं।
महिलाओं में टॉपर तथा मुख्य सूची में तीसरे स्थान पर रहीं मेघा गर्ग ने भी समाजकार्य और रक्षा अध्ययन से मुख्य परीक्षा दी। जबकि, वह गणित, भौतिकी और रसायन विज्ञान विषयों से स्नातक हैं। महिलाओं में द्वितीय स्थान तथा मुख्य सूची में चौथा स्थान हासिल करने वाली ज्योति राय ने भी समाजकार्य और जंतु विज्ञान को चुना। ज्योति दिल्ली हाईकोर्ट में सरकारी वकील हैं। मेरिट में सातवें स्थान पर रहे वेदप्रकाश मिश्रा का मुख्य परीक्षा में समाजकार्य और दर्शनशास्त्र विषय था। एमएससी और एमबीए करने के बाद एसडीएम पद के लिए चयनित शिवानी सिंह ने भी समाजकार्य को एक विषय रखा था। दूसरा विषय प्रबंधन था। डिप्टी एसपी पद के लिए चयनित अभिनव यादव ने मुख्य परीक्षा में इतिहास-रक्षा अध्ययन विषय रखा था। इस परीक्षा में चयनित नितिन कुशवाहा ने लोक प्रशासन-इतिहास, विवेक कुमार सिंह ने रक्षा अध्ययन-राजनीति विज्ञान विषयों से मुख्य परीक्षा दी।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग के डॉ.आशीष सक्सेना का कहना है कि समाजकार्य तथा लोक प्रशासन की विषयवस्तु अन्य विषयों की तुलना में कम विस्तृत है। इसके अलावा सामाजिक विषयों पर बेहतर समझ का फायदा दूसरे प्रश्नपत्रों में भी मिलता है। उनका यह भी कहना है कि इन विषयों में अभी अभ्यर्थियों की संख्या भी कम है। इसका भी उन्हें फायदा हुआ।
मेघा ने छोड़ दी थी असिस्टेंट कमिश्नर की नौकरी
पीसीएस-2013 महिलाओं में टॉपर मेघा गर्ग दूसरे प्रयास में यह सफलता हासिल की है। खास यह कि पहले प्रयास में भी वह इस प्रतिष्ठित परीक्षा में सफल हुईं थीं। मेघा इससे पहले पीसीएस-2008 में शामिल हुई थीं और असिस्टेंट कमिश्नर पद पर चयनित हुई थीं लेकिन उन्होंने ज्वाइन नहीं किया। उनका कहना है कि उन्हें आईएएस या एसडीएम ही बनना था। इसलिए उन्होंने ज्वाइन नहीं किया।
करछना के दो सगे भाइयों का चयन
पीसीएस-2013 में करछना के बगरहा गांव के दो सगे भाइयों ने सफलता हासिल की है। हालांकि तीसरा भाई साक्षात्कार में शामिल हुआ था लेकिन अंतिम रूप से चयन नहीं हो पाया। इस भर्ती में सबसे बड़े बागेश शुक्ला, उनसे छोटे रजनीश और सबसे छोटे मनीष कुमार तीनों भाइयों ने इंटरव्यू दिया था। इनमें से रजनीश का बीडीओ तथा मनीष को कोषाधिकारी पद पर चयन हुआ है। करछना के ही सोनाई गांव के सुनील कुमार सिंह भी उप निबंधक पद पर चयनित हुए हैं।