चर्चित मसलों पर रखें पैनी नजर
परीक्षा में सामान्य अध्ययन (जीएस) और हिंदी से प्रश्न पूछे जाएंगे। परंपरागत विषयों जैसे इतिहास, भूगोल, विज्ञान तथा राजव्यवस्था इत्यादि के लिए हाई स्कूल स्तर की एनसीईआरटी की पुस्तकों का अध्ययन करना पर्याप्त है। अर्थव्यवस्था, पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी, जनांकिकीय आंकड़ों, कृषि अवसंरचना तथा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लिए सरकारी वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी का अवलोकन करें। यूपी जीके के लिए उत्तर प्रदेश से संबंधित जानकारी पर विशेष फोकस करना चाहिए। परीक्षा के बदले पैटर्न में परंपरागत प्रश्न भी करंट अफेअर्स से जोड़कर पूछे जा रहे हैं। ऐसे में, समसामयिक घटनाओं से अपडेट रहने के लिए प्रतिदिन कम से कम एक समाचार पत्र, मासिक पत्रिका, न्यूज चैनल और इंटरनेट पर उपलब्ध चर्चित मुद्दों पर पैनी नजर बनाए रखें। गणित और रीजनिंग के प्रश्नों का अभ्यास हाई स्कूल स्तर की मानक पुस्तकों एवं प्रैक्टिस पेपर की मदद से आसानी से किया जा सकता है।
हिंदी में पा सकते हैं सौ फीसदी अंक
इस परीक्षा में हिंदी निर्णायक भूमिका निभाती है। इसके छह टॉपिक से कुल 60 प्रश्न पूछे जाते हैं। ये प्रश्न विलोम शब्द, वाक्य एवं वर्तनी शुद्धि, अनेक शब्दों के एक शब्द, तत्सम एवं तद्भव शब्द, विशेष्य और विशेषण तथा पर्यायवाची शब्द से पूछे जाते हैं, जिनकी तैयारी किसी मानक पुस्तक और विगत वर्षों मेंे पूछे गए प्रश्नों को हल करके की जा सकती है। प्रश्नों की प्रकृति सरल होती है, इस कारण थोड़ी सी सतर्कता बरत कर इस भाग में पूरे अंक हासिल किए जा सकते हैं।
अधिक से अधिक अभ्यास करें
बचे हुए दिनों में नए तथ्य और विषय वस्तु को पढ़ने से बचें। पूर्व में पढ़ी गई चीजों और हिंदी का अधिक से अधिक रिवीजन करें। स्तरीय मॉडल पेपर, विगत वर्ष की विभिन्न परीक्षाओं में पूछे गए प्रश्न-पत्रों और प्रैक्टिस सेट को निर्धारित समय-सीमा के अंदर हल करने से आपको लाभ मिलेगा। तैयारी का मूल्यांकन करने तथा अपनी कमजोरियों को सुधारने के लिए ऑनलाइन या ऑफलाइन मॉक टेस्ट का सहारा लेना बेहतर विकल्प होगा। याद रखें, पर्याप्त अभ्यास के अभाव में परीक्षा के दौरान कई आसान सवाल भी गलत हो जाते हैं।