निखिल के पिता ने वाहन तलाश कर उसमें बैठे व्यक्ति से बात की। निखिल के पिता ने कहा कि उनके बेटे का सीना मानकों से कम नहीं है। वह परिजनों से बात करके बताएंगे। इसके बाद मोबाइल से वाहन का फोटो ले लिया। आरोपी ने उन्हें देख लिया और वह वहां से निकल गया। थोड़ी देर बाद उन्होंने आरोपी के नंबर पर कॉल की तो उसने कहा कि अंदर डॉक्टर से बात हो गई है। आपके बेटे के सीने का फुलाव सही हो गया है, उसे फिट कर दिया गया है। आरोपी ने बताया कि वह पुलिस लाइन से दूर आ गया है। निखिल के मुताबिक उसके प्रमाण पत्रों का सत्यापन और शारीरिक मानक परीक्षण बोर्ड नंबर-2 पर था। रुपये मांगने वाले डॉक्टर के बाल घुंघराले थे, उनका नाम वह नहीं जानता है।
पुलिस कार्रवाई और जांच
निखिल के शिकायत के बाद, यूपी पुलिस ने आरोपी डॉक्टर और उसके ड्राइवर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। यूपी पुलिस भर्ती प्रक्रिया के नोडल अधिकारी, एसपी ट्रैफिक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
UP Police Constable Recruitment: शारीरिक परीक्षण और दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया
यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती के लिए शारीरिक परीक्षण और दस्तावेज सत्यापन 26 दिसंबर 2024 से शुरू होकर 3 फरवरी 2025 तक जारी रहेगा। यूपी के 75 जिलों में यह प्रक्रिया चल रही है, जिसमें हर दिन लगभग 5,000 अभ्यर्थियों का सत्यापन किया जा रहा है। अभ्यर्थियों की पूरी प्रक्रिया पर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी रखी जा रही है और लखनऊ से भी इसकी मॉनीटरिंग की जा रही है।
भर्ती प्रक्रिया पर उठे सवाल
इस मामले के सामने आने के बाद पुलिस भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं। बताया जा रहा है कि कई बार अभ्यर्थियों के पूरी तरह फिट होने के बावजूद मामूली कमी का बहाना बनाकर उन्हें भर्ती से बाहर करने का दबाव डाला जा रहा है और इसके बदले मोटी रकम की मांग की जा रही है। ऐसे मामलों की जांच और अधिक गंभीरता से की जाएगी।