उत्तर प्रदेश आंगनवाड़ी भर्ती 2021
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उत्तर प्रदेश में बच्चों को पोषण, स्वास्थ्य और प्रारम्भिक शिक्षा दिए जाने के उद्देश्य को पूरा करने के लिए कई तरह के सामुदायिक कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं जिनकी जिम्मेदारी आंगनवाड़ी केंद्रों की होती है। इसके अंतर्गत प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले 6 साल से कम के बच्चों को शामिल किया जाता है।इन कार्यक्रमों के सुगम संचालन के लिए सभी ग्राम पंचायतों में जनसंख्या के आधार पर आंगनवाडी केंद्रों को स्थापित किया जाता है जिनकी देखरेख और कार्यान्वनयन के लिए आंगनवाडी कार्यकत्री, मिनी आंगनवाडी कार्यकत्री और सहायिका को नियुक्त किया जाता है। इसलिए आज हम आपको इस आर्टिकल में सहायिका की जिम्मेदारी और उसकी मासिक सैलरी के बारे में बताने जा रहे हैं। क्योंकि हाल ही में उत्तर प्रदेश के कई शहरों के अंगानवाड़ी केंद्रों में आंगनवाडी कार्यकत्री, मिनी आंगनवाडी कार्यकत्री और सहायिका के पदों के लिए आवेदन मंगाए गए है जिसमें मेरिट के आधार पर उम्मीदवारों का चयन किया जाना है। इसके अलावा अगर आप SSC, बैंक या एयरफोर्स समेत किसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं तो आप सफलता के फ्री कोर्स की मदद ले सकते हैं।
ऐसे समझें सहायिका की जिम्मेदारी और वेतन
उत्तर प्रदेश के आंगनवाडी केंद्रों में कार्य करने वाली महिला उम्मीदवारों को अपने पौष्टिक आहार के वितरण, टीकाकरण, बच्चों को स्कूल से पहले की पढ़ाई, गर्ववती महिलाओं को स्वास्थ्य शिक्षा के प्रति जागरूक करना और मांओं के लिए पोषण संबंधी शिक्षा जैसे कार्यों में आंगनवाडी कार्यकत्री या मिनी आंगनवाडी कार्यकत्री की सहायता करना होता है। इसके लिए उन्हें प्रतिमाह 2250 रुपये दिए जाने का प्रावधान रखा गया है।
कैसे शुरू करें तैयारी
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