उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड में अध्यक्ष एवं सदस्यों के पद खाली होने से शिक्षकों के चयन एवं मूल्यांकन का काम पूरी तरह से ठप हो गया है।
अध्यक्ष एवं सदस्यों के पद खाली होने के कारण हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी टीजीटी 2010 के ओएमआर का दोबारा मूल्यांकन कार्य पूरा नहीं हो पा रहा है। आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति न होने से कई अन्य महत्वपूर्ण काम भी अटके हुए हैं।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड में इस समय दस सदस्यों एवं एक अध्यक्ष के पद में मात्र तीन सदस्य ही काम कर रहे हैं। मानक के विपरीत नियुक्त तीन सदस्यों की नियुक्ति पर कोर्ट ने तीन सदस्यों के काम पर पहले से ही रोक लगा दी है।