तेलंगाना की मुख्य सचिव शांति कुमारी ने कहा कि 21 से 27 अक्तूबर तक होने वाली ग्रुप 1 सेवाओं की मुख्य परीक्षाओं के लिए सभी इंतजाम किए गए हैं, हालांकि कई उम्मीदवारों ने परीक्षा को पुनर्निर्धारित करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।
कुछ उम्मीदवारों ने अपनी मांग के साथ सत्तारूढ़ तेलंगाना कांग्रेस अध्यक्ष बी महेश कुमार गौड़ से मुलाकात की, जबकि उम्मीदवारों के एक अन्य समूह ने विपक्षी पार्टी की मदद के लिए बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के टी रामा राव के साथ बैठक की।
बीआरएस ने कहा, कि राव से मिलने वालों ने उन्हें बताया कि सरकार ''जिद्दी'' होकर परीक्षा को आगे बढ़ा रही है, हालांकि अदालतों में 22 मामले लंबित हैं।
विपक्षी दल ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, उन्होंने उन्हें यह भी बताया कि आरक्षण के संबंध में भी उम्मीदवारों के साथ अन्याय हो रहा है।
मुख्य सचिव, जिन्होंने गुरुवार को परीक्षा आयोजित करने पर राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष महेंद्र रेड्डी, जिला कलेक्टरों और अन्य अधिकारियों के साथ एक वीडियो कॉन्फ्रेंस की, उन्होंने कहा कि हैदराबाद, रंगा रेड्डी और मेडचल-मलकाजीगिरी जिलों के 46 केंद्रों पर समूह -1 मुख्य परीक्षा के लिए 31,383 उम्मीदवार उपस्थित हो रहे हैं।
आगे कहा कि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए सभी केंद्रों पर सुरक्षा प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि जिला कलेक्टर सीधे परीक्षाओं के संचालन की निगरानी करेंगे और संबंधित पुलिस आयुक्त भी उचित व्यवस्था करेंगे।
इस बीच, कई अभ्यर्थियों ने परीक्षा स्थगित करने की मांग को लेकर यहां गांधी नगर के एक पार्क में विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां ले रखी थीं, जिन पर लिखा था, 'ग्रुप-1 की परीक्षाएं दोबारा निर्धारित करें - ग्रुप 1 के अभ्यर्थियों को बचाएं।' बाद में विरोध कर रहे अभ्यर्थियों को पुलिस ने वहां से हटा दिया।
महेश कुमार गौड़ ने कहा कि उनसे मिलने वाले उम्मीदवारों ने परीक्षा कार्यक्रम और कुछ सरकारी आदेशों के प्रभाव के बारे में अपनी चिंताओं को साझा किया।
आगे कहा कि पिछले बीआरएस शासन के दौरान अधिसूचनाओं में देरी और पेपर लीक के कारण उम्मीदवारों को पहले ही नुकसान उठाना पड़ा है।
उन्होंने 'एक्स' पर कहा, "पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए मैं इन मुद्दों को माननीय मुख्यमंत्री और संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठाऊंगा। हम इन चुनौतियों को हल करने और सभी उम्मीदवारों के लिए न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"
बीआरएस नेता रामाराव ने कहा कि सरकार को परीक्षाओं के पुनर्निर्धारण की अभ्यर्थियों की मांग पर सकारात्मक रूप से विचार करना चाहिए।
बीआरएस ने कहा कि रामा राव से मिलने वालों ने उन्हें बताया कि सरकार "जिद्दीपन" से परीक्षा को आगे बढ़ा रही है, हालांकि अदालतों में 22 मामले लंबित हैं।
विपक्षी दल ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, उन्होंने उन्हें यह भी बताया कि आरक्षण के संबंध में भी उम्मीदवारों के साथ अन्याय हो रहा है।
रामाराव ने उन्हें आश्वासन दिया कि बीआरएस उनके साथ खड़ा रहेगा और उनकी लड़ाई में कानूनी मदद करेगा।