देश के विभिन्न भागों में कर्मचारी चयन आयोग द्वारा जुलाई, 2019 में एसएससी टियर - 1 की परीक्षा आयोजित की गई थी। वहीं अब सितंबर माह में टियर- 2 परीक्षा आयोजित होने वाली है। इस परीक्षा में वही उम्मीदवार शामिल हो सकते हैं, जिन्होंने टियर-1 परीक्षा पास की हो। SSC CHSL परीक्षा उन परीक्षार्थियों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जो इंटर (10 + 2) या ग्रेजुएट लेवल पर कॉम्पिटीशन को पार करना चाहते हैं। इस प्रतियोगिता को विभिन्न चरणों में उत्तीर्ण करने के बाद सेंट्रल गवर्नमेंट के विभिन्न विभागों में मेरिट के आधार पर डाटा एंट्री ऑपरेटर, लोअर डिवीजन क्लर्क, टाइपिस्ट जैसे पदों पर नियुक्ति पाकर भविष्य में उच्च पदों पर जाने के अनेक अवसर मिलते हैं।
SSC CHSL Tier-1 परीक्षा -
इस प्रतियोगी परीक्षा के प्रथम चरण में 200 अंक का ऑनलाइन ऑब्जेक्टिव पेपर होता है, जिसमें चार भाग होते हैं। जहां प्रत्येक भाग में 25 प्रश्न एवं प्रत्येक भाग के लिए 50 अंक निर्धारित होते हैं। पहला भाग यानी पार्ट-1 जनरल इंटेलिजेंस (सामान्य बुद्धिमता- रीजिनिंग) के प्रश्नों पर आधारित होता है। जबकि दूसरा भाग यानी पार्ट-2 इंग्लिश लैंग्वेज से संबंधित प्रश्नों पर आधारित होता है। जबकि तीसरा भाग यानी पार्ट-3 क्वाटिटेटिव एप्टिट्यूड (संख्यात्मक अभिरुचि) गणित से संबंधित होता है, और भाग चार यानी पार्ट-4 जनरल अवेयरनेस अर्थात सामान्य जानकारी पर आधारित होता है। यहां उल्लेखित भागों का क्रम आवश्यक नहीं कि इसी क्रम में हो यह पहले या बाद में हो सकते हैं।
प्रथम चरण की इस ऑनलाइन परीक्षा में अभ्यर्थी का प्रयास होना चाहिए कि 80 से अधिक प्रश्नों के जवाब दे। जिससे वह सुरक्षित हो सके और द्वितीय चरण की परीक्षा में आसानी से सम्मिलित हो सके।
SSC CHSL Tier-2 परीक्षा -
द्वितीय चरण (टीयर-2) की लिखित परीक्षा के लिए निर्धारित अंक - 100 तथा समय 1 घंटा (200 - 250 शब्द तक) तथा पत्र लेखन प्रार्थना पत्र (150-250 शब्द तक) दिए गए उद्देश्य अभ्यर्थी के लेखन कौशल का मूल्यांकन करना होता है, इस परीक्षा को क्वालीफाई करने के लिए न्यूनतम 33 प्रतिशत अंक प्राप्त करना होता है।
इसी क्रम में आगे बढ़ते हुए तीसरे चरण (टीयर-3) में अभ्यर्थियों का टाइपिंग का ऑप्शन चुनने वाले अभ्यर्थियों का टाइपिंग टेस्ट होता है। जिसमें अंग्रेजी में 35 शब्द प्रति मिनट यानी 10500 की डिप्रेशन प्रति घंटा या हिंदी में 30 शब्द प्रति मिनट यानी 9000 की डि-प्रेशन प्रति घंटा की न्यूनतम गति होनी चाहिए। डाटा एंट्री ऑपरेटर का ऑप्शन चुनने वाले अभ्यर्थियों के लिए 8000 की डिप्रेशन प्रति घंटा की न्यूनतम गति होनी चाहिए। आवश्यक है कि सिलेबस का अच्छी तरह से अवलोकन कर लें। प्रीवियस इयर पेपर्स / मॉडल पेपर्स को हल करने का निरंतर अभ्यास करें, साथ ही विभिन्न संस्थाओं द्वारा उपलब्ध ऑनलाइन मॉक टेस्ट पर पूर्वाभ्यास कर लें, जिससे प्रथम चरण के ऑनलाइन एग्जाम के लिए आत्म विश्वास बना रहे। इन सबके साथ ही मन में एक दृढ़ संकल्प होना चाहिए तथा अपनी सफलता के प्रति आश्वासन दृष्टिकोण होना चाहिए।