Anshuman Singh Gandhi Fellow of Piramal Foundation
- फोटो : amar ujala
सोनभद्र उत्तर प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा जिला है। जिले में नीति आयोग के ‘महत्वाकांक्षी जिला परिवर्तन कार्यक्रम’ के लिए सहयोगी संस्था के रूप में कार्य कर रही पीरामल फाउंडेशन के गांधी फेलो अंशुमान सिंह ने अपने साथियों अमित कुमार शर्मा, खुशी सिंह और प्रियंका यादव के साथ मिलकर सोनभद्र के युवाओं के क्षमता वर्धन के लिए “सोन युवा संसद” कार्यक्रम की शुरुआत की है।
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- सोन युवा संसद का प्रमुख उद्देश्य था एक ऐसा मंच विकसित करना जहां सोनभद्र का युवा यहां के क्षेत्रीय समस्याओं पर चिंतन-मनन कर पाए, तर्क कर पाए और समस्याओं के निराकरण हेतु स्वतः कोई हल ढूंढ़ पाए।
- साथ ही संसद की रूपरेखा में कार्यक्रम को संचालित करने का उद्देश्य था, युवाओं में लोकतांत्रिक मूल्यों का विकास करना एवं लोकतांत्रिक संसदीय प्रणाली के बारे में समझ विकसित करना।
क्या है सोन युवा संसद कार्यक्रम?
सोन युवा संसद एक शैक्षणिक कार्यक्रम है। इस कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं में सामजिक दायित्वों के लिए स्वतंत्र सोच और इच्छाशक्ति को मजबूत करना है।
सोन युवा संसद कार्यक्रम के प्रारम्भिक चरण में महाविद्यालय ‘राजकीय परास्नातक विद्यालय, ओबरा’ में सोन युवा सांसदों के चयन हेतु समूह परिचर्चा कराया गया, जिसमें 90 प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया परिचर्चा में निम्न बिंदु थे-
- “सोनभद्र की शिक्षा प्रणाली को कैसे मजबूत किया जाए?
- सोनभद्र में गरीबी दूर कर रोजगार स्थापित करने के क्या उपाय हैं?
- आरक्षण हटाया जाना चाहिए या नहीं?
- ट्रिपल तलाक को हटाना सही या गलत है?
- बलात्कार के मामले में मौत की सजा, उचित या अनुचित?”
- समूह परिचर्चा में क्षेत्रीय मुद्दों को रखने का उद्देश्य था संसदीय सत्र से पूर्व युवाओं को क्षेत्रीय मुद्दों के बारे में चिंतन करने तथा समाधान ढूंढ़ ने हेतु प्रेरित करना।
- समूह परिचर्चा के पश्चात् चुने गए 38 प्रतिभागियों का व्यक्तिगत साक्षात्कार किया गया जिसमें प्रतिभागियों के विचार-कौशल, आत्मविश्वास और व्यावहारिक ज्ञान को परखा गया।
- संसद में पेश किए जाने वाले बिल की रूपरेखा को समझाते हुए ‘महिला सशक्तिकरण’ तथा ‘शिक्षा का अधिकार’ कानून पर संसदीय चर्चा आयोजित की गई।
- इसमें युवाओं ने देश तथा क्षेत्र के तुलनात्मक परिदृश्य के बारे में सवाल-जवाब करते हुए आपसी समझ विकसित किया।
- महाविद्यालय के प्राचार्य व प्रवक्ता तथा जिलास्तरीय शिक्षा अधिकारियों के द्वारा ‘सोन युवा संसद’ कार्यक्रम की सराहना की गयी और गांधी फेलो का उत्साहवर्धन किया गया।