पुरानी प्रणाली रद्द, RRB को मिली जिम्मेदारी
हाल ही में रेलवे मंत्रालय ने एक आदेश जारी कर सभी विभागीय पदोन्नति परीक्षाओं को रद्द कर दिया और भविष्य में ऐसी सभी परीक्षाएं RRB द्वारा आयोजित कराने का निर्णय लिया।
राज्यसभा में मंत्री से पूछा गया कि ग्रुप 'C' पदों की विभागीय चयन प्रक्रिया रद्द करने का कारण क्या हाल के वर्षों में सामने आई अनियमितताएं हैं?
इस पर वैष्णव ने लिखित जवाब में स्वीकार किया कि पहली प्रणाली में कुछ अनियमितताएं हुई थीं, जिसके कारण सरकार ने इस व्यवस्था को फिर से जांचने का फैसला किया है।
रेलवे में पदोन्नति के तरीके
उन्होंने बताया कि रेलवे में कैरियर ग्रोथ के लिए कई तरह की पदोन्नति प्रक्रियाएं अपनाई जाती हैं:
- विभागीय परीक्षा के जरिए पदोन्नति
- कौशल परीक्षा (स्किल टेस्ट) के जरिए पदोन्नति
- वरिष्ठता और उपयुक्तता के आधार पर पदोन्नति
उन्होंने यह भी कहा कि रेलवे में ज्यादातर पदोन्नतियां कौशल परीक्षा और वरिष्ठता-आधारित प्रणाली के माध्यम से होती हैं, जबकि विभागीय परीक्षा से बहुत कम पदोन्नतियां की जाती हैं।
पिछली प्रणाली में अनियमितताएं, कानूनी कार्रवाई जारी
वैष्णव ने बताया कि हाल के वर्षों में विभागीय परीक्षा प्रणाली में कुछ अनियमितताएं पाई गईं, जिसकी जांच की जा रही है। इस मामले में जांच एजेंसियों ने कुछ अधिकारियों को गिरफ्तार भी किया है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई चल रही है।
उन्होंने कहा, "सरकार सार्वजनिक सेवाओं में ईमानदारी और पारदर्शिता के लिए प्रतिबद्ध है। इसलिए विभागीय परीक्षा प्रणाली की समीक्षा करने का फैसला लिया गया है।"
RRB पर भरोसा, पारदर्शी परीक्षाओं का रिकॉर्ड
रेलवे मंत्री ने कहा कि रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) के पास ईमानदार और पारदर्शी परीक्षा कराने का शानदार रिकॉर्ड है।
उन्होंने कहा, "RRB की परीक्षा प्रणाली कई वर्षों से प्रभावी रही है और यह पूरी तरह विश्वसनीय है। इसलिए विभागीय परीक्षा की जिम्मेदारी भी अब RRB को दी जा रही है।"
RRB की निष्पक्ष परीक्षा प्रक्रिया
वैष्णव ने कहा कि RRB की परीक्षा प्रक्रिया बहुत तकनीकी होती है, जिसमें बड़े पैमाने पर संसाधनों और मानव शक्ति की आवश्यकता होती है।
उन्होंने कहा, "रेलवे ने इन सभी चुनौतियों का सामना किया और भर्ती परीक्षाओं को पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न किया। पूरी परीक्षा प्रक्रिया के दौरान किसी भी पेपर लीक या अन्य गड़बड़ी का कोई मामला सामने नहीं आया।"