अनुभव से सीखेंगे छात्र
शिक्षा मंत्री ने बताया कि नए विषय उद्यमिता का पाठ्यक्रम पूरी तरह अनुभवात्मक और व्यावहारिक होगा। इसमें छात्र टीमें बनाकर व्यावसायिक विचार तैयार करेंगे, प्रोटोटाइप बनाएंगे, सीड फंडिंग के लिए आवेदन करेंगे और अपने उत्पाद या सेवाएं बाजार में लॉन्च करेंगे।
इस विषय में लिखित परीक्षा का बोझ नहीं होगा। इसके बजाय स्कूल-आधारित मूल्यांकन किया जाएगा, जिसमें स्व-मूल्यांकन, सहपाठियों द्वारा मूल्यांकन और शिक्षक/संरक्षक द्वारा मूल्यांकन शामिल होगा। इससे छात्रों के लिए एक सहायक और प्रेरणादायक शिक्षण माहौल बनेगा।
शिक्षा से उद्यम और अर्थव्यवस्था को बल
मंत्री ने बताया कि इस पाठ्यक्रम के लिए सालाना 18 पीरियड तय किए गए हैं, जिनमें 3 सैद्धांतिक और 15 प्रोजेक्ट-आधारित होंगे। इसका उद्देश्य छात्रों को बिना किसी अतिरिक्त बोझ के आकर्षक और व्यावहारिक सीख उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि यह पहल केवल शिक्षा तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसका बड़ा आर्थिक असर भी होगा। राज्य के 3,840 वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में 2.68 लाख से अधिक छात्र पढ़ रहे हैं। यदि इनमें से सिर्फ 10% छात्र भी सफल होते हैं, तो छात्रों द्वारा संचालित वार्षिक आर्थिक गतिविधि से 300-400 करोड़ रुपये तक का योगदान हो सकता है। यह प्रयास स्थानीय स्तर पर मांग, रोजगार और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देकर आर्थिक विकास को गति देगा।
कक्षाएं बनेंगी नवाचार का केंद्र
बैंस ने कहा, "पंजाब सरकार अपने युवाओं के सपनों में विश्वास करती है। इस पहल का उद्देश्य रचनात्मकता, लचीलापन और समस्या-समाधान कौशल को पोषित करना है, और छात्रों को अवसरों का इंतज़ार करने के बजाय उन्हें बनाने के लिए सशक्त बनाना है। हमारी कक्षाएं विचारों के इनक्यूबेटर में बदल जाएंगी और शिक्षक स्टार्टअप कोच के रूप में काम करेंगे, छात्रों को नेतृत्वकर्ता और रोजगार सृजनकर्ता बनने के लिए मार्गदर्शन देंगे।"
उन्होंने आगे कहा कि यह पहल छात्रों में नवाचार, निर्णय लेने और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के साथ-साथ सतत आर्थिक विकास को भी बढ़ावा देती है।
बिजनेस ब्लास्टर्स कार्यक्रम की सफलता पर आधारित पहल
बैंस ने बताया कि यह नई पहल, नवंबर 2022 में शुरू किए गए पंजाब बिजनेस ब्लास्टर्स कार्यक्रम की सफलता की कहानी का अगला कदम है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम ने 32 स्कूलों और 11,041 छात्रों के साथ शुरुआत की थी, लेकिन अब यह तेजी से बढ़कर 1,927 स्कूलों और करीब 1.8 लाख छात्रों तक पहुँच चुका है।
यह पहल पूरे पंजाब में युवाओं को उद्यमी बनने की दिशा में सशक्त बना रही है और उनके सपनों को हकीकत में बदलने में मदद कर रही है।