इसे बेरोजगारों की मजबूरी कहें या फिर रेलवे में नौकरी का क्रेज, जो भी हो उच्च शिक्षित युवाओं के लिए यह बेहद निराशाजनक है।
रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ (आरआरसी) इलाहाबाद की ओर से आयोजित ग्रुप डी की भर्ती परीक्षा का परिणाम घोषित होने के बाद जो तथ्य सामने आए हैं, वह बढ़ती बेरोजगारी और सरकारी नौकरी के प्रति लालसा को दर्शाते हैं।
चौंकाने वाली बात यह कि जिस परीक्षा की अर्हता सिर्फ हाईस्कूल है उसमें एमटेक, एमसीए, बीटेक, बीसीए पास बेरोजगार युवा भी चयनित हुए हैं। अब डाक्यूमेंट वैरीफिकेशन के बाद इन युवाओं की तैनाती ग्रुप डी के विभिन्न पदों गैगमैन, खलासी, प्वाइंट मैन आदि पर कर दी जाएगी।
आरआरसी इलाहाबाद की ओर पिछले साल ग्रुप डी के 2609 पदों में भर्ती के लिए आवेदन मांगा गया था।
इस भर्ती परीक्षा के लिए न्यूनतम अर्हता हाईस्कूल मांगी गई थी। 2609 में से सिर्फ 450 अभ्यर्थी ही ऐसे रहे जो सिर्फ हाईस्कूल पास रहे।
परीक्षा में 1160765 अभ्यर्थी शामिल हुए
भर्ती परीक्षा में 11 लाख 60 हजार 765 अभ्यर्थियों को रेलवे की ओर से प्रवेश पत्र भेजे गए। परीक्षार्थियों की इतनी भारी संख्या को देखते हुए आरआरसी ने यह परीक्षा अलग-अलग पांच रविवार 2, 9, 16, 13 एवं 30 नवंबर 2014 को कराई। लिखित परीक्षा में सफल कुल 5204 अभ्यर्थियों की बाद में शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए बुलाया गया।
दस मार्च से 14 मार्च 2015 के बीच हुई इस परीक्षा में 4104 अभ्यर्थी शामिल हुए। इसमें से अब कुल 2609 अभ्यर्थियों को डाक्यूमेंट वैरीफिकेशन के लिए बुलाया गया है।
खास बात यह है कि जिन अभ्यर्थियों को डाक्यूमेंट वैरीफिकेशन के लिए बुलाया गया है उसमें उच्च शिक्षित युवाओं की संख्या 150 के आसपास हैं। जिन लोगों ने ग्रुप डी की भर्ती परीक्षा क्वालीफाई की है, उसमें एमसीए पास पांच, एमटेक पास दो, एमकॉम पास 12, एमएससी पास 14, एमए पास 113 युवा हैं।
क्वालीफाई करने वालों में बीसीए पास 10 एवं बीटेक पास युवाओं की संख्या कुल 15 है। इसके अलावा लिखित परीक्षा और शारीरिक दक्षता परीक्षा में भी उच्च शिक्षित 400 से ज्यादा युवा छंट गए। इस परीक्षा को पास करने के बाद अब डाक्यूमेंट वैरीफिकेशन के लिए बुलाए गए हैं।
डाक्यूमेंट वैरीफिकेशन के बाद इन सभी युवाओं की ग्रुप डी के विभिन्न पदों पर इसी साल के आखिर में नियुक्ति होनी तय है।