एमपीएससी के लिए यूपीएससी जैसा परीक्षा कैलेंडर
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि यूपीएससी की परीक्षाएं एक निर्धारित समय-सारणी के अनुसार होती हैं, लेकिन एमपीएससी में ऐसा नहीं हो पाया है। हालांकि, 2018-19 के बाद राज्य में आरक्षण से जुड़े विभिन्न फैसलों और न्यायालयों के स्थगन आदेशों के कारण भर्ती प्रक्रियाओं में देरी हुई। लेकिन अब सरकार एमपीएससी के लिए एक स्थायी परीक्षा कैलेंडर लागू करने की योजना बना रही है, ताकि परीक्षाएं समय पर आयोजित हो सकें।
2025 से लागू होगी वर्णनात्मक परीक्षा पद्धति
एमपीएससी की परीक्षा प्रणाली में बदलाव को लेकर भी सवाल उठे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि 2023 में वर्णनात्मक (डिस्क्रिप्टिव) परीक्षा प्रणाली लागू करने की योजना थी, लेकिन छात्रों के अनुरोध पर इसे 2025 तक स्थगित कर दिया गया था। 2025 से एमपीएससी की परीक्षाएं नई प्रणाली के तहत आयोजित की जाएंगी, जिससे उम्मीदवारों को यूपीएससी परीक्षाओं में भी लाभ मिलेगा।
एमपीएससी की परीक्षा प्रक्रिया रहेगी पारदर्शी
यह भी मांग की गई थी कि एमपीएससी की परीक्षाएं निजी संस्थाओं से न कराई जाएं, बल्कि आयोग स्वयं इसका संचालन करे। मुख्यमंत्री फडणवीस ने स्पष्ट किया कि प्रश्नपत्र तैयार करना और परीक्षा आयोजित करना एमपीएससी ही करता है, केवल कुछ बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) के लिए बाहरी सहयोग लिया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि हाल के वर्षों में एमपीएससी ने पूरी पारदर्शिता के साथ परीक्षाएं आयोजित की हैं और इसमें कोई अनियमितता नहीं हुई है।
भविष्य में एमपीएससी के तहत बड़ी भर्तियां
मुख्यमंत्री ने बताया कि एमपीएससी में रिक्त तीन महत्वपूर्ण पदों को जल्द भरा जाएगा और आने वाले समय में बड़े पैमाने पर भर्तियां की जाएंगी। सामान्य प्रशासन विभाग ने अन्य राज्यों के लोकसेवा आयोगों का अध्ययन किया है और उसी के आधार पर एमपीएससी को नया स्वरूप देने की योजना बनाई जा रही है। अब एमपीएससी के अंतर्गत वर्ग 1 और वर्ग 2 के साथ-साथ वर्ग 3 की परीक्षाएं भी कराई जाएंगी। सरकार का लक्ष्य सभी परीक्षाओं को समय पर पूरा करना है, ताकि उम्मीदवारों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।