सामान्यीकरण की प्रक्रिया अपनाई गई
भोपाल मुख्यालय वाले मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा आयोजित इस परीक्षा का परिणाम 13 दिसंबर को घोषित किया गया था। परिणाम की घोषणा के बाद बोर्ड ने स्पष्ट किया कि भर्ती परीक्षा में नियमानुसार "सामान्यीकरण की प्रक्रिया" अपनाई गई है, जिसके कारण अभ्यर्थियों को पूर्ण अंक (100) से अधिक और शून्य से कम अंक मिल सकते हैं।
परीक्षा में धोखाधड़ी के आरोप
सामान्यीकरण यह सुनिश्चित करने की एक प्रक्रिया है कि छात्रों को उनके द्वारा लिखे गए पेपर की कठिनाई से न तो लाभ हो और न ही नुकसान। इस प्रक्रिया में एक छात्र के स्कोर को इस तरह से संशोधित करना शामिल है कि यह दूसरे के स्कोर के साथ तुलनीय हो जाए। यह तब आवश्यक हो जाता है जब एक ही विषय की परीक्षा कई सत्रों में आयोजित की जाती है, जिनमें से प्रत्येक में एक अलग पेपर होता है।
ऐसा पहली बार देखा कि किसी को कुल अंक से अधिक अंक मिले: प्रदर्शनकारी
प्रदर्शनकारियों के एक नेता गोपाल प्रजापत ने संवाददाताओं से कहा, "राज्य के इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि भर्ती परीक्षा में अपनाई गई सामान्यीकरण प्रक्रिया के कारण किसी उम्मीदवार को कुल अंकों से अधिक अंक मिले हैं। हम सामान्यीकरण की अनुचित प्रक्रिया के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।"
उन्होंने वन रक्षक, फील्ड गार्ड (कार्यकारी) और जेल गार्ड (कार्यकारी) के पदों के लिए आयोजित भर्ती परीक्षा में धोखाधड़ी का आरोप लगाया और निष्पक्ष जांच की मांग की। प्रजापत ने चेतावनी दी कि अगर मामले में कुछ नहीं किया गया तो नौकरी के इच्छुक उम्मीदवार बड़ा आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे।