'जिस पद के लिए चयन की अर्हता नहीं रखते उसका चयन नहीं कर सकते' यदि यह फार्मूला उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग में लागू हुआ तो उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड में भी उथल-पुथल मचेगी।
यहां कार्यवाहक अध्यक्ष सहित दो सदस्य ऐेसे हैं, जो प्रधानाचार्य के चयन की अर्हता नहीं रखते हैं। ऐसे में उनको भी प्रधानाचार्य पद के लिए हो रहे साक्षात्कार की प्रक्रिया से बाहर होना पड़ सकता है।
उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग के कार्यवाहक अध्यक्ष और कुछ सदस्यों को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। उन पर आरोप है कि प्राचार्य के पद के लिए हुए साक्षात्कार में वे असफल रहे हैं। इस मामले में हाईकोर्ट ने प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा को जांच करने का आदेश भी दिया है। सदस्यों के चयन का मानक उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड में भी लागू होता है।