Jobs Opportunities:दुनियाभर में 2030 तक नौकरी में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अगले पांच साल में 17 करोड़ नई नौकरियां पैदा होंगी।
Jobs Opportunities: दुनियाभर में 2030 तक नौकरी में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अगले पांच साल में 17 करोड़ नई नौकरियां पैदा होंगी। इनमें सबसे ज्यादा मांग कृषि श्रमिकों और वाहन चलाने वाले ड्राइवरों की होगी।
युवाओं को नए कौशल सीखना होगा जरूरी
तकनीकी प्रगति और जनसंख्या में बदलाव के कारण नौकरियों में बदलाव आ रहा है। रिपोर्ट बताती है कि एआई, बिग डाटा और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में नौकरियों के अवसर तेजी से बढ़ेंगे। लेकिन इंसानी कौशल जैसे रचनात्मक सोच, समस्या सुलझाने की क्षमता और लचीलापन भी अहम रहेंगे।
सबसे तेजी से बढ़ती नौकरियों की सूची में कृषि श्रमिक और मजदूर सबसे ऊपर होंगे। इसके बाद हल्के ट्रक या डिलिवरी से जुड़े चालक, सॉफ्टवेयर-एप्लिकेशन डेवलपर, दुकानों में काम करने वाले सेल्सपर्सन होंगे। खाद्य प्रसंस्करण एवं संबंधित कारोबार से जुड़े कामगार, कार, वैन व मोटरसाइकिल चालक, नर्सिंग पेशेवर, खाद्य व पेय सेवा कर्मचारी, सामान्य व संचालन प्रबंधक के क्षेत्र में नौकरियां मिलेंगी। सामाजिक कार्य एव परामर्श पेशेवर, परियोजना प्रबंधक, विश्वविद्यालय एवं उच्च शिक्षा के लिए शिक्षक, माध्यमिक शिक्षक और व्यक्तिगत देखभाल सहायक जैसी नौकरियां भी बढ़ेंगी।
59% कर्मचारियों को सीखने होंगे नए कौशल
नौकरी के लिए जरूरी लगभग 40 फीसदी कौशल में बदलाव होना तय है। 63 फीसदी कंपनियों का कहना है कि सही कौशल वाले कर्मचारियों को ढूंढ़ना मुश्किल हो रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, हर 100 में से 59 लोगों को नई तकनीक और कौशल सीखने की जरूरत होगी। कंपनियां चाहती हैं कि उनके कर्मचारी तेजी से बदलते दौर के लिए तैयार हों।
कुछ क्षेत्रों में नौकरियों पर संकट
जहां नई नौकरियां आएंगी, वहीं कुछ काम खत्म भी हो सकते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि सबसे तेजी से घटती नौकरियों की सूची में कैशियर और टिकट क्लर्क सबसे ऊपर हैं। प्रशासनिक सहायक/प्रबंधक और कार्यकारी सचिव जैसी नौकरियों में भी तेजी से गिरावट आएगी। इमारतों की देखभाल करने वाले, सफाईकर्मी, सामग्री का रिकॉर्ड व स्टॉक की देखरेख से जुड़े क्लर्क, मुद्रण और संबंधित क्षेत्र में काम करने वालों की नौकरी पर भी संकट है। लेखांकन, बही-खाता, पेरोल क्लर्क, अकाउंटेंट, ऑडिटर, व्यावसायिक सेवा, परीक्षकों और जांचकर्ताओं की नौकरी पर भी संकट होगा। परिवहन परिचारक, कंडक्टर, सुरक्षा गार्ड, बैंक लिपिक, डाटा एंट्री क्लर्क, ग्राहक सेवा कार्यकर्ता, ग्राफिक डिजाइनर को भी नौकरियों के लिए मशक्कत करनी पड़ेगी।