नई दिल्ली। 2020-21 में यूपी के 27 राज्य स्तर के विश्वविद्यालयों और करीब 7,391 डिग्री कॉलेजों में 50 लाख से अधिक छात्रों ने ग्रेजुएट कोर्सेज के लिए अपना नामांकन कराया है, जिनमें महिलाओं की संख्या पुरुषों से अधिक है। वहीँ ,देश में हर साल तकरीबन 40 फीसदी युवा आर्ट्स, ह्यूमैनिटीज, सोशल साइंस, 10 फीसदी इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी, 15 फीसदी साइंस तथा 14 फीसदी कॉमर्स जैसे विषयों से ग्रेजुएट होते हैं। इतनी बड़ी संख्या में ग्रेजुएट होने के बाद भी डिजिटल स्किल्स की कमी इन्हें रोजगार ना मिलने की सबसे बड़ी वजह बन रही है। हयूमैनिटिज़, फाइन आर्ट्स, कॉमर्स और साइंस के साथ इंजीनियरिंग करने वाले युवा भी बड़ी संख्या में बेरोजगार रह जा रहे हैं।ऐसे में अगर आप इन डिग्री कॉलेजों या यूनिवर्सिटियों से सिंपल ग्रेजुएशन कर रहे हैं या कर चुके हैं और अभी तक अपनी पहली नौकरी की तलाश में हैं तो इस सुनहरे मौके को हाथ से न जाने दें। ये स्किल्स छात्रों के रचनात्मकता और सोच के हिसाब से भी करियर को आगे बढ़ाता है। जैसे एक फाइन आर्ट्स ग्रेजुएट को ग्राफ़िक डिज़ाइन के टूल्स की समझ से करियर में नया मुकाम मिल सकता है।
दुनियाभर में बढ़ते इंटरनेट के प्रयोग से न केवल आम लोगों की लाइफस्टाइल ही प्रभावित हुई है बल्कि शिक्षा, मनोरंजन, मेडिकल व व्यापार आदि जैसे सभी क्षेत्र में बदलाव देखने को मिल रहा है। आज जिस गति से टेक्नोलॉजी का विस्तार हो रहा है प्राइवेट सेक्टर में रोजगार के नए अवसरों का भी सृजन भी उतनी ही तेजी से हो रहा है। ऐसे में युवाओं के पास डिजिटल स्किल्स होना बेहद जरूरी हो जाता है। इससे न केवल उन्हें आकर्षक वेतन मिलता है बल्कि करियर में ग्रोथ व जॉब सिक्योरिटी भी बढ़ जाती है।
Safalta.com से डिजिटल मार्केटिंग का कोर्स करके Appinventiv Technology में पांच लाख का पैकेज हासिल करने वाले कार्तिकेय ने अपने करियर की नई पारी शुरू की।
नोएडा के सेक्टर-63 में रहने वाली प्रियांशी अग्रवाल ने पोस्ट ग्रेजुएशन करने के बाद Safalta.com के डिजिटल मार्केटिंग कोर्स में एडमिशन लिया जिसे पूरा करने के बाद उन्हें शहर के ही HDFC बैंक में पहली नौकरी मिल गई।
इसके साथ ही इन कोर्सेस को कंप्लीट करने वाले सभी छात्रों को इंटर्नशिप और कंपनियों में साक्षात्कार देने का मौका उपलब्ध कराया जाता है।