अब तक प्रत्येक प्रश्न के उत्तर में मिलते थे चार विकल्प
अब तक की व्यवस्था में प्रत्येक प्रश्न के लिए चार विकल्प (A, B, C, D) दिए जाते थे और अभ्यर्थियों के लिए किसी एक विकल्प का चयन करना अनिवार्य नहीं था। इसी वजह से कई अभ्यर्थी कुछ प्रश्नों को बिना उत्तर दिए छोड़ देते थे, जिससे मूल्यांकन प्रक्रिया में असमानता की स्थिति बनती थी।
अब पांचवां विकल्प भी होगा
नई व्यवस्था के तहत अब प्रत्येक प्रश्न के लिए पांच विकल्प (A, B, C, D, E) उपलब्ध कराए जाएंगे। इनमें से विकल्प ‘E’ का अर्थ होगा “प्रयास नहीं किया गया” (Not Attempted)। यदि कोई अभ्यर्थी किसी प्रश्न का उत्तर देना चाहता है, तो उसे A, B, C या D में से किसी एक विकल्प का चयन करना होगा। वहीं, यदि अभ्यर्थी किसी प्रश्न को छोड़ना चाहता है, तो उसे अनिवार्य रूप से विकल्प ‘E’ का चयन करना होगा।
कोई भी विकल्प नहीं चुनने पर होगी नेगेटिव मार्किंग
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई अभ्यर्थी पांचों विकल्पों में से किसी का भी चयन नहीं करता है, तो उस प्रश्न को अनुत्तरित माना जाएगा और इसके लिए दंडस्वरूप 1/3 अंक की कटौती की जाएगी। यानी अब बिना विकल्प चुने प्रश्न छोड़ना अभ्यर्थियों के लिए नुकसानदायक साबित होगा।
पांच प्वाइंट्स में खबर की मुख्य बातें
- बीपीएससी ने एमसीक्यू आधारित परीक्षाओं की उत्तर प्रणाली में बदलाव किया है।
- अब हर प्रश्न में 5 विकल्प (A, B, C, D, E) होंगे, जहां ‘E’ का मतलब Not Attempted है।
- प्रश्न छोड़ने के लिए ‘E’ विकल्प चुनना अनिवार्य किया गया है।
- कोई विकल्प नहीं चुनने पर प्रति प्रश्न 1/3 अंक की कटौती होगी।
- नई व्यवस्था आगामी बीपीएससी परीक्षाओं में लागू की जाएगी।
इस बदलाव से परीक्षा प्रणाली में अधिक पारदर्शिता आने की उम्मीद है, क्योंकि अब हर प्रश्न के लिए अभ्यर्थी को स्पष्ट रूप से अपनी स्थिति दर्ज करनी होगी, चाहे वह उत्तर देना हो या प्रश्न छोड़ना हो। इससे मूल्यांकन प्रक्रिया अधिक सटीक और निष्पक्ष बनेगी।
आयोग ने बताया है कि यह संशोधित व्यवस्था आगामी परीक्षाओं में लागू की जाएगी। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे नई प्रणाली को ध्यान में रखते हुए अपनी तैयारी करें और परीक्षा के दौरान निर्देशों का पालन सुनिश्चित करें, ताकि किसी प्रकार की अंक कटौती से बचा जा सके।