क्या पहले भी ओएसएम व्यवस्था का इस्तेमाल हुआ है?
बीपीएससी ने बताया कि आयोग जनवरी 2023 से ओएसएम व्यवस्था का इस्तेमाल कर रहा है। इससे पहले 67वीं, 68वीं और 69वीं संयुक्त मुख्य प्रतियोगी परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन भी इसी व्यवस्था के तहत किया जा चुका है।
एआई से जांच और डाटा में छेड़छाड़ के दावों पर क्या कहा?
आयोग ने सोशल मीडिया पर वायरल उन दावों को भ्रामक बताया है, जिनमें 70वीं परीक्षा की कॉपियों को एआई से जांचे जाने या डाटा में छेड़छाड़ किए जाने की बात कही जा रही थी। बीपीएससी ने ऐसे दावों को बिना आधार का बताया है।
ओएसएम के डाटा की सुरक्षा कैसे होती है?
बीपीएससी के मुताबिक, OSM व्यवस्था से जुड़ा पूरा डाटा आयोग के सुरक्षित सर्वर पर रखा जाता है। इसके अलावा अलग स्थान पर डिजास्टर रिकवरी सर्वर भी मौजूद है। सिस्टम में कई स्तरों पर जांच और सुरक्षा की व्यवस्था की गई है, ताकि किसी तरह की गड़बड़ी को रोका जा सके।
उत्तर पुस्तिकाओं में बदलाव के दावे पर आयोग का क्या कहना है?
आयोग ने कहा है कि ओएसएम प्रक्रिया से जुड़े डाटा का डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाता है। बीपीएससी के अनुसार, उत्तर पुस्तिकाओं या डाटा में अनधिकृत बदलाव किए जाने से जुड़े दावे पूरी तरह निराधार हैं।