AI Bots: कंटेंट क्रिएशन और लेखन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के आने के बाद से लगभग हर इंटरनेट उपयोगकर्ता ने इसकी प्रभावशीलता को अनुभव किया है। नौकरी के आवेदन में सहायक दस्तावेज तैयार करने जैसे रेज़्यूमे, कवर लेटर और विभिन्न अन्य दस्तावेज बनाने के लिए एआई अब एक आम टूल बन गया है। लेकिन एक शख्स ने एआई का ऐसा इस्तेमाल किया, जिससे देखकर वो खुद दंग रहे गया। उसने सोते-सोते 1,000 नौकरियों के लिए आवेदन कर दिया। इसके बाद नतीजे देखे तो वो खुद हैरान रहे गया। इसका जिक्र शख्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर किया।
रेडिट पर इस व्यक्ति ने बताया कि उन्होंने एक होममेड AI बॉट बनाया, जिसने उनके लिए नौकरी ढूंढने का पूरा काम कर दिया। इस बॉट ने उम्मीदवार की जानकारी का विश्लेषण किया, नौकरी के विवरण पढ़े, हर नौकरी के लिए अलग-अलग CV और कवर लेटर तैयार किए और आवेदन भी कर दिया।
कैसे काम करता है AI बॉट?
रेडिट के 'Get Employed' फोरम पर उन्होंने लिखा, "मैंने एक AI बॉट बनाया, जो कैंडिडेट की जानकारी और जॉब डिस्क्रिप्शन का विश्लेषण करता है। यह हर नौकरी के लिए कस्टमाइज्ड CV और कवर लेटर तैयार करता है, खास सवालों के जवाब देता है और नौकरी के लिए आवेदन भी कर देता है।" सिर्फ एक महीने में इस प्रक्रिया ने उन्हें लगभग 50 इंटरव्यू बुलावों तक पहुंचाया।
उन्होंने बताया, "यह तरीका स्क्रीनिंग सिस्टम्स को पार करने में बेहद कारगर है। मेरी स्क्रिप्ट हर जॉब डिस्क्रिप्शन के हिसाब से CV और कवर लेटर तैयार करती है, जिससे न केवल AI बल्कि मानव रिक्रूटर्स का भी ध्यान आकर्षित किया जा सकता है।"
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस करेगा तकनीकी क्रांति
उन्होंने आगे लिखा कि "इस तकनीकी क्रांति को देखते हुए, मैं काम की दुनिया के लिए इसके गहन निहितार्थों पर विचार करने से खुद को रोक नहीं पाया। कुशल होने के बावजूद, नौकरी के आवेदनों का स्वचालन पेशेवर संबंधों की प्रकृति के बारे में सवाल उठाता है। हम एक विरोधाभास का सामना करते हैं: जब हम चयन प्रक्रिया को अनुकूलित करने की कोशिश करते हैं, तो हम उस मानवीय तत्व को खोने का जोखिम उठाते हैं जो अक्सर काम के माहौल में अंतर पैदा करता है"।
उन्होंने लिखा, "नौकरी के आवेदनों को ऑटोमेट करके हम चयन प्रक्रिया को बेहतर बना रहे हैं, लेकिन इसके साथ ही कार्यक्षेत्र में मानवीय तत्वों को खोने का खतरा भी बढ़ रहा है।" इस घटना ने न केवल AI की शक्ति को उजागर किया, बल्कि यह भी दिखाया कि अत्यधिक ऑटोमेशन कैसे नौकरी की दुनिया में गहरे सवाल खड़े कर सकता है।