दावों को किया खारिज, बताया निराधार
नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि ऐसे सभी दावे पूरी तरह निराधार, भ्रामक और धोखाधड़ी की श्रेणी में आते हैं। साथ ही, इन फर्जी दावों के जरिए अभ्यर्थियों से पैसे की अवैध मांग भी की जा रही है, जो पूरी तरह गैरकानूनी है। आयोग ने कहा कि उसकी सभी परीक्षाएं पूरी गोपनीयता, पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ आयोजित की जाती हैं, इसलिए किसी भी प्रकार के लीक या पहले से प्रश्नपत्र मिलने का दावा असंभव है।
पैसे का लेन-देन बिल्कुल न करने की हिदायत
आयोग ने अभ्यर्थियों को चेतावनी देते हुए कहा है कि वे ऐसे फर्जी संदेशों, संदिग्ध लिंक, प्रोफाइल या अवैध गतिविधियों से दूर रहें और किसी भी परिस्थिति में पैसे का लेन-देन न करें। यह केवल उम्मीदवारों को गुमराह कर आर्थिक नुकसान पहुंचाने का प्रयास है।
इसके अलावा, आयोग ने दोहराया कि वह परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी प्रकार की अनियमितता या धोखाधड़ी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करें और अफवाहों से बचें।
यह अलर्ट ऐसे समय में जारी किया गया है जब बड़ी संख्या में उम्मीदवार एईडीओ परीक्षा की तैयारी में जुटे हुए हैं। ऐसे में सही जानकारी और सतर्कता ही अभ्यर्थियों को ठगी से बचा सकती है।